फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: छत्तीसगढ़ से बुलाए गए 25 मजदूर, 50% नाले ही हुए साफ, बारिश में होगी परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। अभी बरसात शुरू होने में डेढ़ माह का समय है, लेकिन इसके पहले प्री-मानसून की बारिश होने लगती है। ऐसे में अभी तक नगर पालिका प्रशासन करीब 50 प्रतिशत नालों की सफाई ही करा पाया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ से 25 मजदूर बुलाए गए हैं। वहीं, बिजली निगम भी तारों पर लटकी टहनियों की छंटाई नहीं कराया है। प्री- मानसून में अच्छी बारिश हुई तो लोग जलभराव और फाल्ट की समस्या से परेशान होंगे।
विज्ञापन


शासन की तरफ से 20 मई से पूर्व शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई करने का निर्देश है ताकि लोगों को बरसात हो या प्री मानसून किसी प्रकार के जलभराव की समस्या न हो। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों में छोटे-बड़े 52 नाले हैं। बरसात आने में अभी डेढ़ माह का समय है, लेकिन उसके पहले प्री मानसून शुरू हो जाता है। उधर देखा जाए तो शहर में छोटे-बड़े नालों की सफाई के लिए मात्र एक पोकलैंड, एक जेसीबी लगाई गई है। शहर में नालों की सफाई का काम धीमी गति से चल रहा है। 20 मई से पूर्व नालों की सफाई का काम पूरा करना है, लेकिन अभी तक लगभग 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। प्री-मानसून में अच्छी बारिश से निपटने की नगर पालिका की तैयारी अभी आधी अधूरी है। शहर के रैदोपुर, मड़या, एलवल सहित निचले इलाकों में बरसात में हर बार लोगों को जलनिकासी की समस्या से जूझना पड़ता है। वहीं, आंधी-बारिश में बिजली भी लोगों को धोखा देती है।
शहर में कई स्थानों पर जर्जर तारों के बीच बांस की फंटी लगाकर काम चलाया जा रहा है। यह तार ढीलेे और पतले हो चुके हैं। हरबंशपुर, रैदोपुर बंधा, रोडवेज बंधा, ठंडी सड़क, शाहगढ़, मेंहनगर, बिंद्राबाजार, बरदह, लालगंज, पवई, फूलपुर, अहरौला, बूढ़नपुर, कप्तानगंज, अतरौलिया, महारागंज, सगड़ी आदि क्षेत्रों में कई स्थानों पर विद्युत तारों पर पेड़ों की टहनियां लटकी हुई हैं। निगम इनकी अभी तक छंटाई नहीं करवा पाया है। आंधी-बारिश के दौरान यह फॉल्ट का कारण बनेंगी।
विज्ञापन


नरौली में पांच दिनों से हो रही सफाई

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि शहर में छोटे-बड़े 52 नाले हैं। इनकी सफाई का काम चल रहा है। छत्तीसगढ़ से 25 मजदूरों को बुलाया गया है। इसके अलावा नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भी मोहल्लों के छोटे नालों की सफाई कर रहे हैं। शहर में तकिया, बेलइसा, रैदोपुर, टेड़िया मस्जिद, जमातुल रशाद सहित लगभग आधे नालों की सफाई हो चुकी है। नरौली वार्ड में बीते पांच दिनों से नालों की सफाई चल रही है।
4.15 करोड़ से चल रहा काम काम
लाटघाट। बरसात के मौसम में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले का देवारा क्षेत्र होता है। घाघरा नदी देवारा क्षेत्र के गांवों में ज्यादा कटान करती है। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अरुण सचदेवा ने बताया कि पांच हजार की आबादी को सुरक्षित करने के लिए सहबदिया और परसिया गांव में प्रशासन ने योजना बनाई है। 4.15 करोड़ से बंधे की मरम्मत सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।

शहर में नालों की सफाई के लिए एक पोकलैंड और जेसीबी लगाई गई है। इसके अलावा नाला सफाई के लिए छत्तीसगढ़ से मजदूर बुलाए गए है। लगभग 50 प्रतिशत नालों की सफाई का काम पूरा हो चुका है। बचे नालों की सफाई समय से पहले कर लिया जाएगा।- विवेक त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी

तार पर लटकी पेड़ की टहनियों की छंटाई के लिए अलग से कोई बजट नहीं आता है। जहां पर समस्या आती है वहां लाइनमैन पेड़ों की टहनियों को काट कर खुद हटा देते हैं।- घनश्याम, अधीक्षण अभियंता विद्युत।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें