देवगांव कोतवाली क्षेत्र के गड़ौली गांव स्थित ईंट भट्ठे पर 23 मजदूरों को बंधक बना कर काम कराया जा रहा था। जिन्हें एएचटीयू की टीम ने एसडीएम लालगंज के नेतृत्व में मुक्त कराया और उन्हें मजदूरी आदि दिला कर घर रवाना किया। बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम व बंधुआ मजदूरी से लोगों को मुक्त कराने को लेकर वर्तमान में महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत एएचटीयू टीम लगातार क्षेत्र में चक्रमण कर रही है। सोमवार को टीम को सूचना मिली कि देवगांव कोतवाली के गड़ौली गांव स्थित ईंट भट्ठे पर 24 मजदूरों को भट्ठा मालिक बंधक बना कर रखे है। न ही इन्हें मजदूरी ही दी जा रही है न ही घर ही जाने दिया जा रहा है। इस सूचना पर एसडीएम लालगंज के नेतृत्व में एएचटीयू टीम ने भट्ठे पर दबिश दी और मौके पर बंधक बनाए गए 23 मजदूरों को मुक्त कराया। उन्हें मजदूरी आदि दिला कर घर भेजने की व्यवस्था कराई। सभी मजदूर छत्तीगढ़ व मध्य प्रदेश प्रांत के रहने वाले है। इसके साथ ही भट्ठा मालिक के खिलाफ बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उनमूलन) अधिनियम 1976 के तहत नोटिस जारी करते हुए अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। कार्रवाई में एसडीएम लालगंज सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु एसडीएम श्रीकेश कुमार राय, उपश्रमायुक्त शशिकांत पांडेय,थाना प्रभारी एएचटीयू विजय कुमार शुक्ला व हेड कांस्टेबल राजेश कुमार वर्मा आदि शामिल रहे।