आजमगढ़। लोकवाणी से कलेक्ट्रेट में 22 कंप्यूटर आपरेटरों की नियुक्ति तीन साल पहले की गई थी। तीन साल तक स्थाई होने की लालसा लिए युवा निष्ठा से काम करते रहे। इस बीच एक मार्च से इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।इससे उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है।
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों में जिला प्रशासन द्वारा लोकवाणी के माध्यम से कंप्यूटर आपरेटरों की तैनाती की गई थी। ये कंप्यूटर आपरेटर लिपिकों के अधीन रहकर कार्य कर रहे थे। अच्छी तरह से कार्य करने पर उन्हें अपनी नौकरी स्थाई होने की उम्मीद थी। लेकिन मार्च महीने में उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। सेवा समाप्त होने के बाद 22 कंप्यूटर आपरेटरों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। इस संबंध में एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह लोग लोकल स्तर पर लोकवाणी से लगाए गए थे। अब इन्हें हटा दिया गया है। अगर शासन स्तर से कोई निर्देश मिलता है तो फिर कंप्यूटर आपरेटरों की तैनाती की जाएगी। लेकिन अभी इस तरह को कोई निर्देश शासन स्तर से नहीं मिला है।