अमिलो। जश्न-ए-रसूल अकरम का दूसरा सालाना नातिया मुशायरा शुक्रवार रात लगभग साढ़े नौ बजे मुबारकपुर के इब्राहिमपुर बाजार स्थित मदीना मस्जिद के सामने तंजीम इत्तेहाद मिल्लत की ओर से हुआ। स्थानीय और बाहरी अंजुमनों ने शिरकत कर नात ए पाक का नजराना पेश किया। सभी अंजुमनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आगाज हाफ़िज मेराज ने तिलावत ए कुरान पाक से किया। अंजुमन फैजान अजीजी मुबारकपुर, अंजुमन शहरे यारे एरम इब्राहिमपुर, तंजीमे अदब मुबारकपुर, शम-ए-मदीना मुबारकपुर, फैजाने मुस्तफा मुबारकपुर आदि अंजुमनों ने नात ए पाक का नजराना पेश किया। कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सारे जहां के लिए रहमत बनकर आए। आप ने सारी दुनिया को रहमत, मिल्लत, इत्तेहाद और एकता का पैगाम दिया। आज हमें एक होकर देश के अमन चैन का वातावरण कायम करना चाहिए। राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के प्रदेश महासचिव नूरुल होदा ने भी खिताब किया। अध्यक्षता शौकत अली और संचालन नईमुल्लाह अंसारी ने किया। हाजी इफ्तेखार, बेलाल अहमद, रईस अहमद, महफूज अहमद, महमूद अख्तर नोमानी, गुलाम नबी, डा. इमरान, बदरे आलम, ऐनुलहक मौजूद थे।