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प्रत्येक ब्लाक के एक गांव में शुरू होगी गोबर-धन योजना

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आजमगढ़। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की तर्ज पर बायो गैस, सौर ऊर्जा, खाद उत्पादन के लिए जिले में भी गोबर-धन योजना की शुुरुआत की जा रही है। जैव ईंधन के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए हर ब्लॉक के एक बड़े गांव में ये योजना लागू की जाएगी। इसके तहत चिह्नित गांव में प्लांट लगाया जाएगा। गांव का चयन मवेशियों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। प्लांट के लिए किसानों से गोबर खरीदा जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत खुले में शौच मुक्ति के साथ ही गोबर आदि से होने वाले गंदगी से गांव को मुक्त करने के साथ ही किसानों को आय का संसाधन मुहैया कराने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की जा रही है। गांव में पशुपालकों से गोबर एकत्र कर उसका खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता लेकिन ऐसे पशुपालकों की संख्या कम है। कई पशुपालक गोबर या तो नाली में बहा देते हैं या खुले में फेंक देते हैं। केंद्र सरकार ने इसके सदुपयोग के लिए ये योजना बनाई। बीते 30-31 जनवरी को दिल्ली में हुई कार्यशाला में इसकी जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी डीएस उपाध्याय ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक ब्लाक में मवेशियों की संख्या के आधार पर एक बड़े गांव का चयन कर वहां प्लांट लगाया जाएगा। किसानों से निर्धारित दर पर गोबर खरीदा जाएगा। 10 किमी दायरे के सभी ग्राम पंचायतों से गोबर का कलेक्शन होगा। प्लांट से रसोई गैस, बायो गैस समेत खाद वगैरह बनाए जाएंगे। सीडीओ ने बताया कि योजना ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में सुधार लाएगी।
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