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कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को दी लोक कला की जानकारी

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आजमगढ़। सूत्रधार संस्थान एवं संस्कृति मंत्रालय की ओर से शारदा टॉकीज में 90 दिवसीय नौटंकी कार्यशाला आयोजित कर रंगकर्मियों को नौटंकी विधा को सीखाई जा रही है। रविवार को दहेज प्रथा पर आधारित गीत, नृत्य और नाटक दिखाया गया। नौटंकी के वस्त्र, आभूषण, मेकअप, सेट आदि से रंग प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया। पिछले दिनों कार्यशाला में भाग ले रहे प्रशिक्षुओं को नौटंकी की नाच शैली, मेकअप, वस्त्रसज्जा, बॉडी मूवमेंट के साथ ही लोक कला के बारे में जानकारी दी गई थी। संस्थान की ममता पंडित ने बताया कि लोग अपनी पुरानी संस्कृति सभ्यता, लोक कला, लोक कथा, लोक नृत्य, पारंपरिक गीत, नाटक को भूलते जा रहे हैं। 90 दिवसीय नॉटंकी कार्यशाला का उद्देश्य पुरानी को संरक्षित और संवर्धित करना है। विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षुओं को कहरवा, जांघिया, पंवरिया आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। रविवार को दहेज प्रथा पर आधारित गीत, नृत्य और नाटक दिखाया गया। नौटंकी के वस्त्र, आभूषण, मेकअप, सेट आदि से रंग प्रशिक्षुओं को अवगत कराया गया। इस मौके पर अंगद कश्यप, रितेश रंजन, संदीप, पुनीत, प्रीति, अंतिमा, शिवम, सूरज, रामजनम चौबे, डीडी संजय, सुजल, प्रिंस, कामिनी, श्रेयांश, बिस्मिल्लाह खां, अभिषेक पंडित आदि मौजूद रहे।
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