आजमगढ़। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के एक धड़े की बैठक गुरुवार को रिक्शा स्टैंड पर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष सीमा यादव की अध्यक्षता में हुई। मुख्य अतिथि प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष गीता पांडेय रहीं। 17 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कुछ लोगों की ओर से एसोसिएशन के विरुद्ध कार्य कर जनपद में फर्जी तरीके से पदाधिकारियों का चयन किया जा रहा है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गुमराह हो रही है। कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहीं हैं। हालांकि सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, लड़ाई जारी रहेगी। मांग की कि कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक मानेदय दिया जाए। सेवानिवृत्त होने पर पेंशन का लाभ दिया जाय। बताया कि तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या को संगठन विरोधी गतिविधियों के कारण 25 सितंबर को ही पद से हटा दिया गया है। गीतांजलि की ओर से पदाधिकारियों का जो गठन किया गया है। वो संगठन के विरुद्ध है। सीमा यादव ने कहा कि हम मांगों को लेकर काम बंद कलम बंद हड़ताल करेंगे। प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी, प्रदेश प्रवक्ता आसमीन खातून, प्रदेश संगठन मंत्री भानमती, प्रदेश संचालन मंत्री प्रियंका सिंह ने भी संबोधित किया। जिला संरक्षक हेमंत यादव, पूर्वांचल प्रभारी रमाकांत राय, मऊ जिलाध्यक्ष पूनम यादव, सरस्वती, शिवकुमारी, कंचन यादव, परमिला, उर्मिला, सरोज, संगीता, किरन, शैलजा पाल, माधुरी, रीना यादव, अर्चना, आदि उपस्थित रहीं। वहीं, आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के दूसरे धड़े की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी सिंह ने कहा कि भंग कमेटी के पदाधिकारियों की ओर से बैठक की गई है। नवनिर्वाचित कमेटी का इससे कोई वास्ता नहीं है। आंगनबाड़ियों को गुमराह रिकया जा रहा है।