आजमगढ़। प्रेमी से मिलकर पत्नी ने अपने ही पति की हत्या किए जाने के मामले में अदालत ने दोनों को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बुधवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशद अहमद हासमी ने सुनाई। घटना निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा ईदगाह के समीप की है।
इस मामले में रात को सोते समय हैदर अली की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता मोहम्मद अख्तर ने आठ जुलाई 2016 को स्थानीय थाने में अपनी बहू तम्मना और पडा़ेसी अबुलैश उर्फ जुम्मन पुत्र मोहम्मद अकरम के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में कहा था कि मेरे लड़के हैदर अली की पत्नी तम्मना और पड़ोसी अबुलैश उर्फ जुम्मन से नाजायज संबंध थे। बीती रात तम्मना और हैदर अली मकान के अंदर सो रहे थे। रात को तम्मना और अबुलैश ने मिलकर मेरे बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करते उसकी पोती ने देखा था। इस मामले में निजामाबाद थाना पुलिस ने दोनों हत्यारों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता राममिलन यादव ने इस मुकदमे के वादी मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद रेहान, कुमारी सुंबुत, मोहम्मद तैयब, अबुशाद, थानाध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, एसआई विशेश्वर सिंह सहित अन्य गवाहों को परीक्षित किया गया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद हत्या के जुर्म में में दोनों को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया