आजमगढ़। जेल में फांसी पर लटके मिले बंदी विनोद राम की मौत के मामले में डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज शनिवार की देर शाम अपनी जांच पूरी कर गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने एक बंदी रक्षक को निलंबित और दूसरे के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है। अधिकारियों से आईजी जेल हिसाब लेंगे। डीआईजी ने जेल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बंदियों की मदद लेने का निर्देश दिया।
मामले की जांच करने शुक्रवार को जेल पहुंचे डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज यादुवेंद्र शुक्ला शनिवार को अपनी जांच पूरी करने के बाद फोन पर बताया कि इस मामले में एक बंदी रक्षक दोषी पाया गया है। उसके निलंबन का निर्देश दिया गया है। जबकि दूसरे के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया। डीआईजी ने बताया कि जेल के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का अधिकार आईजी जेल को है। इसलिए वह अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप देंगे। आगे की कार्रवाई उन्हीं के निर्देश पर होगी। जेल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए डीआईजी ने बंदियों को लंबरदार बनाकर उनकी मदद से बैरकों पर नजर रखने को कहा। बता दें कि गुुरुवार की शाम पत्नी की हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी विनोद राम बैरक के दूसरी मंजिल के छत की गैलरी में फांसी पर लटका मिला था। जिस समय यह घटना हुई। उस समय जेल अधीक्षक और जेलर गायब थे। इन सभी विंदुओं की जांच पड़ताल कर डीआईजी रवाना हो गए। जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि जेलकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का पावर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को है। आजमगढ़ जेल में यह पद है, लेकिन तैनाती नहीं है। यहां का प्रभार वाराणसी जेल के वरिष्ठ अधीक्षक के पास है। इसलिए वह बंदियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट वाराणसी भेज देंगे। उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बंदी की मौत के लिए जेल कर्मचारी जिम्मेदार
आजमगढ़। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए मौत का कारण जरूर स्पष्ट हो गया, लेकिन परिवारवालों के न होने की वजह से शनिवार की शाम तक जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले विनोद का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था। लाश रखवाकर पुलिस परिवारवालों के आने का इंतजार कर रही है। उधर इस घटना के लिए एसपी ने जेल कर्मचारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जेल के बैरक नंबर पांच सी में निरुद्ध विनोद राम की ड्यूटी भोजनालय में लगी हुई थी। गुरुवार की शाम को दोमंजिला बैरक के पीछे गलियारे में छत में लगे चुल्ले से लटकी हुई उसकी लाश मिली थी। शुक्रवार की देर शाम पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन घरवाले दिल्ली में हैं, इसलिए उसका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। शनिवार की शाम तक पुलिस विनोद की लाश को बर्फ में रखकर घर वालों के आने का इंतजार कर रही थी। उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से विनोद के मौत का कारण पता चलने पर पुलिस उसकी मौत के लिए जेल के लोगों को जिम्मेदार मान रही है। क्योंकि कर्मचारी और अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इसका ये परिणाम है। एसपी ने जांच कर दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश एसओ सिधारी को दिया है।
जेल कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से बंदी विनोद राम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ऐसे लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश एसओ सिधारी नागेश उपाध्याय को दिए गए हैं। - अजय कुमार साहनी, एसपी