आजमगढ़। गर्भ में पलने वाली बेटियां तब तक सुरक्षित नहीं रह सकती हैं, जब तक कि उसको जन्म देने वाले माता-पिता जागरूक नहीं होंगे। बेटियां बड़ी किस्मत से मिलती हैं। वे ईश्वर का अमूल्य उपहार हैं। उक्त बातें सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी ने महिला चिकित्सालय में आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र की ओर से कन्या भ्रूण परीक्षण को न सिर्फ गैर कानूनी किया गया है, बल्कि कड़ी सजा सजा का प्राविधान किया है। लिंग जांच पर जनपद में कई लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। कुछ परीक्षण केन्द्रों पर तो आपराधिक मुकदमा भी चल रहा है। फिर भी जब तक समाज स्वयं जागरूक नहीं होगा तब तक हम इस आपराधिक बुराई को समाप्त नहीं कर सकते। सरकार ने इस प्रकार की जांच को गोपनीय तरीके से कराने वालों की सूचना या मुखबिरी पर इनाम की घोषणा की है। साथ ही उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। संगोष्ठी को डा. अमिता अग्रवाल, डा. विनय यादव, एसीएमओ डा. वाईके राय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में महिला चिकित्सालय का स्टाफ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रतिनिधि और अन्य लोग उपस्थित रहे।