आजमगढ़। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीडीएमसी) के तहत वर्षा जल के संचयन व खेतों की सिंचाई के लिए जिले में 21 तालाब खोदे जाने हैं। इसमें 12 तालाबों के सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। अन्य जगहों पर सत्यापन का काम अभी चल रहा है। इस योजना के तहत चयनित किसानों को खेत में तालाब खोदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान सरकार देगी। खेतों में तालाब से किसानों को सिंचाई में जहां सुविधा होगी वहीं, किसान तालाब में मछली पालन कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों से तालाब के लिए विभागीय वेबसाइट पर आवेदन लिए जा रहे हैं। किसानों के खेतों में हमेशा नमी बनी रहे। वर्षा के जल का सही तरीके से संचयन के साथ ही किसानों की आय में वृद्घि हो सके इसके लिए केंद्र सरकार ने खेत तालाब योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीडीएमसी) के तहत पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में जिले में 21 तालाबों की खोदाई की जाएगी। विभागीय वेबसाइट पर किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। जो किसान योजना के लिए पहले आवेदन करेंगे। उनको पहले लाभ दिया मिलेगा। 21 तालाबों में से 16 तालाब सामान्य वर्ग व 5 तालाब अनुसूचित जाति के लिए है। प्रति तालाब 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा व 3 मीटर गहरा होगा। जिसके निर्माण की लागत एक लाख पांच हजार रूपए आएगी। इसमें सरकार की तरफ से किसानों को तीन किस्तों में 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। जिस खेत में तालाब खोदे जाने हैं वह स्थान ढलान पर होना चाहिए। जिससे कि बरसात का पानी उसमें आसानी से पहुंच सके। सत्यापन के बाद तालाब का काम शुरू होने पर पहली किस्त में किसानों को 26250 रूपए, दूसरी किस्त में 13150 व तीसरी किस्त में 13150 रूपए दिए जाते हैं। विभाग की मानें तो जनपद में 12 जगहों पर सत्यापन का काम पूरा हो चुका है जहां तालाब के खोदाई का काम शुरू हो गया है। 6 तालाबों के सत्यापन का काम बाकी है। शेष तालाब के लिए किसानों से विभागीय वेबसाइट पर आवेदन लिए जा रहे हैं।