आजमगढ़। फर्जी लाइसेंसों पर खरीदे गए कारतूसों की जांच जिले में चल रही है। अंबेडकर नगर पुलिस ने जिले से कुल 206 ऐसे शस्त्र लाइसेंसों के संबंध में जानकारी मांगी थी, जिन पर कारतूसों की खरीद की गई थी। जांच में 113 लाइसेंस फर्जी मिले हैं। जबकि 93 लाइसेंस सही मिले हैं।
अब एडीएम की ओर से जांच कराई जा रही है कि इन लोगों ने अंबेडकर ने कारतूस खरीदे थे या नहीं, या फिर इनके नाम पर फर्जी लाइसेंस बनाकर कारतूस खरीदे गए हैं। अंबेडकर नगर पुलिस की ओर से जिला प्रशासन को 206 ऐसे लाइसेंस धारकों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, जिन्होंने अंबेडकर नगर से कारतूसों की खरीदारी की थी। प्रशासन ने जब जांच कराई तो इनमें से 113 लाइसेंस फर्जी मिले। इन लाइसेंसों का कोई रिकाॅर्ड असलहा दफ्तर में नहीं मिला। वहीं 93 लाइसेंस के रिकाॅर्ड असलहा दफ्तर में मिले हैं। अब जिला प्रशासन की ओर से इन लाइसेंस धारकों की जांच कराई जा रही है कि इन लोगों ने अंबेडकर नगर से कारतूस की खरीदारी की है या नहीं। प्रशासन को यह संदेह है कि कहीं इन लोगों के नाम पर भी तो फर्जी लाइसेंस बनाकर कारतूस की खरीदारी नहीं की गई है। अंबेडकर नगर जनपद से कारतूस खरीदने वालों में बूढ़नपुर तहसील के लोगों ने सबसे ज्यादा रुचि दिखाई है। इसके अलावा सगड़ी और फूलपुर तहसील के भी इक्का दुक्का लोग शामिल हैं।
जम्मू कश्मीर में बने लाइसेंसों पर पहले हो चुकी है कार्रवाई
जनपद में फर्जी लाइसेंसाें का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई वर्ष पूर्व जम्मू के बने फर्जी लाइसेंसों पर हथियार खरीदने का मामला प्रकाश में आया था। इसमें बड़े पैमाने पर जिले में कार्रवाई भी हुई थी। बहुत से लोगों ने इन लाइसेंसों के आधार पर अपने थाने में असलहों की इंट्री भी करा ली थी। जब पुलिस ने इन लोगों पर दबाव बनाया तो बहुत से लोगों ने जम्मू से बने लाइसेंस को नष्ट कर दिया।
अंबेडकर नगर पुलिस की ओर से कुल 206 लाइसेंसों की जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में 113 लाइसेंस फर्जी मिले हैं। 93 लाइसेंस सही मिले हैं। इनकी जांच के लिए संबंधित एसडीएम और सीओ की टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राहुल विश्वकर्मा, एडीएम प्रशासन और प्रभारी अधिकारी शस्त्र।