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दसवीं मौत के बाद फिर बढ़ी मरीजों की संख्या

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मुबारकपुर। मुबाकरपुर कस्बे में पीलिया का प्रकोप शांत नहीं हो रहा है। रविवार को पीलिया से दसवीं मौत के बाद सोमवार को एक बार फिर नये मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। आधा दर्जन मरीज जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मिले तो वहीं चार नये मरीजों के प्राइवेट अस्पतालों पर भी पहुंचने की सूचना है। दसवीं मौत के बाद से कस्बे में एक बार फिर हड़कंप सा मच गया है।
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11 जनवरी से मुबारकपुर कस्बे में पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है। दो माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा व नपा प्रशासन पीलिया पर लगाम नहीं लगा सका है। रविवार की रात पीलिया से दसवीं मौत की सूचना के बाद से तो कस्बे में जैसे हड़कंप सा मच गया। सोमवार को सीएचसी पर एक बार फिर मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा देखा गया। दो दर्जन से अधिक मरीजों की जांच में पीलिया के पांच नये रोगी सामने आये। वहीं चार नये रोगियों के प्राइवेट अस्पतालों पर भी पहुंचने की सूचना है। सीएचसी पर मिले नये मरीजों में 19 वर्षीय अजहर महमूद पुत्र हबीबुर्रहमान निवासी कटरा, 30 वर्षीया शाहीना परवीन पत्नी शमशुल हक निवासीनी पुरानी बस्ती, 19 वर्षीय जोऐर गनी पुत्र मोईन निवासी पुरानी बस्ती, 28 वर्षीया उम्मे लैला पत्नी जफरूल हसन निवासीनी अमिलो, 14 वर्षीया करीना पुत्री उदयभान निवासीनी पूरा ख्वाजा शामिल है। इसमें करीना की हालत गंभीर देख कर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सीएचसी प्रशासन की माने तो 11 जनवरी से 18 मार्च तक पांच सौ से अधिक मरीजों की जांच सीएचसी पर हुई है। जिसमें 271 पीलिया के रोगी मिले है, इनमें लगभग 100 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को भी विभिन्न स्थानों पर पानी की जांच किया।
पीलिया का मुख्य कारण खोजने की उठी मांग
मुबारकपुर। पीलिया से दस लोगों की मौत के बाद कस्बावासियों में इतनी दहशत है कि अब लोग पीलिया के मुख्य कारण को खोजने की मांग उठाने लगे है। लोगों का कहना है कि कस्बे में जो पाइप लाइन बिछी है वह 30 से 35 साल पुरानी है और वर्तमान में पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। स्वास्थ्य महकमा सिर्फ पानी की जांच कर कोरम पूरा कर रहा है। वहीं नपा प्रशासन पाइप लाइन बदलने का प्रयास करने की बात कह रही है। लोगों में इस बात की नाराजगी है कि अब तक दस मौत हो जाने के बाद भी शासन व प्रशासन स्तर से कोई ठोस कवायद नहीं की गई। लोगों ने सिर्फ पानी की जांच का दिखावा बंद करने और पीलिया पर लगाम को ठोस कवायद किए जाने की मांग किया। कुछ लोगों ने पूर्व के चेयरमैन के कार्यकाल को भी पेयजल पाइपलाइन के जर्जर होने का जिम्मेदार बताया।
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दूषित खाद्य पदार्थ तो नहीं पीलिया के कारण
मुबारकपुर। स्वास्थ्य महकमा जहां नपा के पानी को दूषित पानी को पीलिया का प्रमुख कारण बता रहा है तो वहीं नपा प्रशासन अपने पानी को पूरी तरह से शुद्घ मान रहा है। ऐसे में अब आम जनता काफी परेशान हो चुकी है कि पीलिया का कारण है तो क्या है। लोगों का यह भी कहना है कि पानी की लगातार जांच हो रही है, कहीं ऐसा तो नहीं दूषित खाद्य पदार्थ के चलते पीलिया फैल रहा है। लोगों ने खाद्य विभाग से जांच कराने और अब तक की गई सेपुलिंग की रिपोर्ट जल्द से जल्द सामने लाने की मांग किया है ताकि यह भी स्पष्ट हो सके कि खाद्य पदार्थो के चलते तो पीलिया नहीं फैल रही है।
कस्बे में फैले पीलिया के संक्रमण के पीछे मुख्य रुप से दूषित पानी ही है। जब तक नपा प्रशासन अपनी पूरी पेयजल सप्लाई नहीं बंद करती और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लोगों को शुद्घ पानी नहीं उपलब्ध कराती तब तक पीलिया पर कंट्रोल संभव नहीं है।
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डॉ. सी यादव, सीएचसी प्रभारी मुबारकपुर
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