आजमगढ़। चुनाव आयोग की ओर से रविवार की शाम लोकसभा चुनाव 2019 के तिथियों की घोषणा कर दी गई है। लेकिन जनपद में अभी तक बसपा को छोड़कर किसी भी पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस जहां प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन में जुटी है वहीं सपा और भाजपा से ताल ठोकने के लिए उम्मीदवारों की लंबी कतार है।
राजनीतिक दल काफी दिनों से चुनावी मोड में आ चुके थे। केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने के लिए काफी दिनों से गठबंधन बन चुका है। उप्र में सपा और बसपा गठबंधन के बाद जनपद की दो लोकसभा सीटों आजमगढ़ और लालगंज में आजमगढ़ सीट सपा और लालगंज सीट पर बसपा प्रत्याशी उतरेगा। लालगंज लोकसभा सीट पर बसपा ने घूरा राम को पहले से ही प्रत्याशी घोषित कर रखा है। लेकिन आजमगढ़ लोकसभा सीट पर सपा ने अभी तक अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। सूत्रों की मानें तो सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, सपा के राष्ट्रीय महासचिव बलराम यादव, पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री वसीम अहमद ने यहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं। सपा जिलाध्यक्ष की मानें तो पांच लोगों ने उम्मीदवारी के लिए आवेदन किया है। जिनकी सूची शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई है। वहीं कयास इस बात का भी लगाया जा रहा है सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी यहां से ताल ठोंक सकते हैं। यही हाल भाजपा का भी है। भाजपा ने भी अभी तक अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए है। लेकिन यहां पर चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों की लिस्ट बहुत लंबी है। सूत्रों की मानें तो अखिलेश मिश्रा गुड्डू, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, सत्येंद्र राय छोटू आदि प्रमुख हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह की मानें तो दोनों लोकसभा सीटों से चुनाव के लड़ने के इच्छुक लोगों के लगभग एक दर्जन आवेदन आए थे। जिसे शीर्ष नेतृत्व को भेज दिया गया है। कांग्रेस पार्टी ने भी अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने लालगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए कुल 13 आवेदन आए हैं। जबकि सदर सीट पर छह आवेदन आए है। सोमवार को दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक है इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी।