आजमगढ़। शिकायत पर जनपद के नोडल अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण ने जिलाधिकारी को वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन निर्माण में प्रयोग की जा रही सामग्री की जांच के आदेश दिए थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी लैब की टीम मंदुरी पहुंची जहां मौके पर ही बालू की जांच की। जांच में ही निर्धारित मानक से अधिक की मिलावट पाई गई। मौके पर ही की गई जांच में मौरंग का नमूना फेल हो गया। टीम द्वारा अब लैब में इसकी जांच की जा रही है। वाराणसी से लुंबिनी हाइवे का निर्माण काफी तेजी से किया जा रहा है। आरोप है कि इस निर्माण में कार्यदायी संस्था एनएचएआई द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। चाहे मौरंग हो या गिट्टी, हर सामान दोयम दर्जे का प्रयुक्त हो रहा है। 27 अक्तूबर को जनपद पहुंचे प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण से इसकी शिकायत हुई। इस शिकायत पर उन्होंने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी को जांच का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने सैंपलिंग के लिए पीडब्ल्यूडी की लैब टीम को मंदुरी में भेजा। टीम के सदस्यों ने मौके पर ही मोरंग बालू की जांच की। जांच में मिलावट के निर्धारित मानक से अधिक मिलावट पाई गई। इसके बाद टीम के सदस्य वहां से सैंपलिंग कर वापस लौट आए। हालांकि अभी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है इसके जल्द ही तैयार हो जाने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मंदुरी में मौरंग की सैंपलिंग की गई थी। अभी इसकी जांच पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होते ही रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी, आगे की कार्रवाई उनके स्तर से की जाएगी।
राघवेंद्र सिंह, लैब प्रभारी।
प्रमुख सचिव के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के लैब प्रभारी को सैंपलिंग करने का निर्देश दिया गया था। उनके द्वारा सैंपलिंग की कार्रवाई की जा चुकी है। जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।