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भाई, भतीजा समेत तीन को उम्रकैद

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आजमगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी की अदालत ने सोमवार को हत्या आरोप के तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 23-23 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की राशि प्राप्त होने पर मृतक के पिता देवीलाल को 50 हजार रुपये देने का आदेश दिया। घटना फूलपुर थाना क्षेत्र की है।
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थाना के फूलपुर देहात निवासी देवी लाल पुत्र सहदेव ने 28 अप्रैल 2013 को थाने में अपने सगे भाई रुदल पुत्र सहदेव, भतीजा सूबेदार और सुबाष पुत्र चुन्नी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया था कि अंबारी बाजार में उसकी खाद की दुकान है। उसका अपने भाई से जमीन का विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को लेकर घटना की रात जब वह दुकान से लौट रहे थे को अंजाम देने के लिए फूलपुर रेलवे क्रासिंग के पास घात लगाकर बैठे तीनों आरोपियों ने रोककर दुर्गा को गोली मार कर हत्या कर दी। इस मामले में फूलपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार यादव ने इस मुकदमे के वादी समेत कुल आठ गवाहों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद नामजद तीनों हत्यारोपियों को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

आरोपी की जमानत हुई खारिज
आजमगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा सिंह की अदालत ने धोखाधड़ी करने के एक आरोपी की सुनवाई के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोप है कि बिलरियागंज बाजार निवासी मुनाफ पुत्र मकसूद ने कस्बा निवासी पीड़ित रईस अहमद पुत्र हम्माद से विदेश भेजे जाने के नाम पर नब्बे हजार रुपये लिए और कहा कि कतर का बीजा मिल जाएगा। उसकी बात का विश्वास कर रईस ने मुनाफ को दो गवाहों के सामने नब्बे हजार रुपया दिए। आरोपी ने रईस को 2005 में रोजगार बीजा की जगह टूरिस्ट बीजा देकर भेज दिया। भारत लौटने पर उसने धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए पंचायत के समक्ष पैसे मांगे। रुपया नहीं मिलने पर उसने मुकदमा दर्ज कराया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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