आजमगढ़। तीन दिनों के बाद नपा प्रशासन जागा और शनिवार से सफाई व्यवस्था बहाल हो सकी। कर्मचारियों की मान मनौव्वल करा कर हड़ताल समाप्त कराकर, कूड़ा उठवाना शुरू किया। जिसके इन वार्डो के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी तो सफाईकर्मी मान गए हैं लेकिन जल्द ही मानदेय नहीं मिलने हालात फिर से खराब होने की पूरी संभावना है।
नगर पालिका में आऊट सोर्सिंग व्यवस्था के तहत 90 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। इन्हें मानदेय का भुगतान ठेकेदार द्वारा किया जाता है। जनवरी में ही ठेकेदार का टेंडर समाप्त हो गया। नया टेंडर कराया गया वह भी ईओ और पालिकाध्यक्ष के बीच खींचतान के चलते निरस्त हो गया। पांच माह से इन कर्मियों का मानदेय बकाया है। जिसके चलते 27 मार्च से आऊट सोर्सिंग पर काम करने वाले सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इन कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर के आठ वार्डो रैदोपुर, हरवंशपुर, सर्फुद्दीनपुर, सिधारी पूर्वी, सिधारी पश्चिमी, सिविल लाइंस, मडय़ा समेत आठ वार्डो की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह कूड़े का ढेर लग गया। कूड़े से उठ रहे दुर्गंध के चलते लोगों का जीना मुहाल हो गया। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिस पर नपा प्रशासन जागा और कर्मचारियों की मान मनौव्वल करा कर हड़ताल समाप्त करवाया। शनिवार को सुबह से ही सफाई का कार्य शुरू हो गया।
तीन दिनों से वार्डो में लगे कूड़े के ढेर को लगभग उठवा दिया गया है। हड़ताल पर गये सभी सफाई कर्मचारी वापस लौट आये है। उनके मानदेय भुगतान की जो समस्या है, उसे जल्द निस्तारित करा दिया जायेगा।
प्रशांत कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद