आजमगढ़। प्रदेश में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास से संबंधित विकास कार्यों को गति प्रदान करने और गन्ना कृषकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली चीनी मिलों, सहकारी गन्ना समितियों और गन्ना किसानों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेश की तीन चीनी मिलों, तीन सहकारी गन्ना विकास समितियों और गन्ना कृषकों का चयन किया जाएगा। जिसमें प्रथम स्थान पाने वाले को स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र और 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पाने वाले को 31000 रुपये और तृतीय स्थान पाने वाले को 21000 रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
प्रदेश में कार्यरत 119 चीनी मिलों को पेराई सत्र की समाप्ति पर अंक प्रदान किए जाएंगे। इसमें गन्ना मूल्य का समय के अंतर्गत भुगतान, औसत चीनी परता, ड्राल प्रतिशत, गन्ने की शुद्घ तौल और चीनी मिल परिक्षेत्र में प्रजातीय संतुलन के लिए 20-20 अंक प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह से प्रदेश में कार्यरत 169 गन्ना समितियों को आठ कसौटियों पर खरा उतरना होगा। इसके लिए समिति को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरक वितरण पर 20, समिति अभिलेखों का रख रखाव, परिसर और भवन की स्वच्छता पर 10 अंक, गन्ना कृषकों को ऋण वितरण और वसूली पर 10 अंक, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना पर 10 अंक, टीडीएस रिफंड की स्थिति पर 15 अंक, विशेष लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों के निस्तारण पर 15 अंक, गन्ना समिति की प्रबंध कमेटी की नियमित बैठकों और सामान्य वार्षिक सभा का संपन्न होना होना और बैंलेसशीट की अद्यावधिक स्थिति पर 10 अंक और समितियों की संपत्तियों के रख रखाव पर 10 अंक प्रदान किए जाएंगे। इनमें सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली तीन गन्ना समितियों को पुरस्कृत किया जाएगा। किसानों की उत्कृष्टता का मूल्यांकन छह बिंदुओं पर होगा। इसमें विभागीय योजनाओं में किसान की सहभागिता, किसान द्वारा चीनी मिलों को औसत गन्ना आपूर्ति प्रति हेक्टेअर, किसान द्वारा गन्ना समितियों से लिए गए ऋण और उसके वापसी की स्थिति, किसान के पास उपलब्ध गन्ना क्षेत्रफल में स्वीकृत प्रजातियों की स्थिति और कृषि आय दोगुना करने के लिए लिए अपनाई गई अन्य फार्मिंग पद्घति का मूल्यांकन किया जाएगा। सभी बिंदूओं के लिए 20-20 अंक निर्धारित किए गए हैं। इनमें से अधिक अंक प्राप्त करने वाले तीन किसानों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
तीन स्तरों पर हुआ कमेटी का गठन
आजमगढ़। इनके चयन के लिए तीन स्तरों पर कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्षता में कमेटी के समदस्य जनपद स्तर के गन्ना किसानों, गन्ना समितियों और चीनी मिलों से इस प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्राप्त करेगी। निर्धारित बिंदूओं पर उसकी जांच करते हुए स्थान का वर्गीकरण करते हुए परिक्षेत्र स्तरीय टीम को अपनी रिपोर्ट देगी।यह कमेटी मंडलायुक्त अध्यक्षता में समिति अपने अधीन आने वाले समस्य जनपदों की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय का चयन कर अपनी रिपोर्ट को प्रदेश स्तरीय कमेटी को अपनी रिपोर्ट देंगे। इस कमेटी द्वारा पूरे प्रदेश से आई रिपोर्ट के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाली चीनी मिलों, गन्ना समितियों और गन्ना कृषकों का चयन करेगी। जिन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
शासन से आदेश जारी हो चुकी है, लेकिन अभी तक मेरे पास नहीं पहुंचा हैं। इसका मुख्य उद्देश्य चीनी मिलों, गन्ना समितियों और किसानों को प्रोत्साहित करने का है। इससे उनमें स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा का विकास होगा और इसका फायदा मिलेगा। -बीके अबरोल, प्रधान प्रबंधक, द किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव।