आजमगढ़। जिले के 13 नगर निकायों का कार्य सिर्फ पांच ईओ के भरोसे चल रहा है। आठ निकाय इस समय खाली है। इनका अतिरिक्त प्रभार इन्हीं पांच ईओ के पास है। एक ईओ पर चार-चार निकायों का प्रभार है। इनका पूरा समय सिर्फ विभागीय फाइलों को निपटाने में चला जाता है। इस स्थिति में स्वच्छ भारत की मुहिम जिले में सपना नजर आ रही है।
जनपद में कुल 13 नगर निकाय हैं। इसमें मुबारकपुर और आजमगढ़ दो पालिका के अलावा, जीयनपुर, अजमतगढ़. बिलरियागंज, महाराजगंज, निजामाबाद, अतरौलिया, फूलपुर, सरायमीर, माहुल, कटघर लालगंज और मेंहनगर के रूप में 11 नगर पंचायतें है। 13 निकायों के सापेक्ष जिले में सिर्फ पांच ईओ ही तैनात है। इसनें एक-एक ईओ पर तीन से चार निकायों का प्रभार है। ऐसी स्थिति में अधिशासी अधिकारी किसी दिन एक निकाय तो किसी दिन दूसरे निकाय में अपनी सेवा देते हैं। नतीजा ये होता है कि अपनी शिकायतें लेकर पहुंचने वाले शहर एवं नगरवासियों से उनका संवाद तक नहीं हो पाता है। इससे अपनी समस्याएं लेकर वो कर्मचारियों के चक्कर काटने पर मजबूर होते हैं। आजमगढ़ पालिका के तत्कालीन ईओ दिनेश विश्वकर्मा के रुदौली स्थानांतरण के बाद यहां का भी चार्ज मुबारकपुर पालिका की ईओ प्रतिभा सिंह को दे दिया गया। नतीजा ये है कि अब वो न यहां समय दे पाती हैं और न मुबारकपुर में। इसके साथ ही नगरवासियों के महत्वपूर्ण कार्य भी पालिका में कई दिनों तक लटके रह जाते हैं। पिछले दिनों जिले के दौरे पर पहुंचे नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने नगर विकास से जुड़े विभागीय अधिकारियों समीक्षा बैठक ली थी। इस दौरान भी जनपद में अधिशासी अधिकारियों की कमी का मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने कमी को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था। निकायों को भी अक्तूबर 2018 तक खुले में शौच मुक्त बनाना है। हालांकि संबंधित अधिशासी अधिकारी की ओर से अभियान को समय पर पूरा करने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
अब एसडीएम करेंगे ईओ के कार्य को हल्का
आजमगढ़। शासन को भी इस बात की जानकारी है कि एक-एक ईओ पर तीन से चार निकायों का प्रभार है। इससे विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। प्रमुख सचिव मनोज कुमार की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अतिरिक्त निकायों का प्रभार एसडीएम को सौंपने के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
अधिशासी अधिकारियों के पद रिक्त होने के कारण तैनात एक-एक ईओ पर तीन से चार निकायों का प्रभार होने और इससे महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में नहीं हो पाने को शासन ने भी स्वीकार किया है। प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में इसे स्वीकार किया है। ये भी कहा है कि इससे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है। इसलिए रिक्त निकायों का प्रभार ईओ से लेकर एसडीएम को देने की निर्णय शासन की ओर से लिया गया है। सभी जिलाधियारियों को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर तत्काल भेजने का निर्देश दिए गया है। इस बारे में एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि जनपद में ईओ की कमी से कई बार शासन और नगर विकास मंत्री को भी अवगत कराया गया है। अब शासन की ओर से रिक्त निकायों का प्रभार एसडीएम को सौंपने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है, जिसे तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा।