आजमगढ़। त्योहारों के आते ही खाद्य पदार्थों में मिलावट का काम शुरू हो जाता है। प्रशासन ने इस वर्ष नमूनों की जांच के साथ लोगों को जागरुक भी करेगा। साथ ही शासन ने जांच अभियान से आशा कार्यकत्रियों को भी जोड़ने का फैसला लिया है।
लोगों को यह जानकारी है कि खाद्य विभाग की टीम सिर्फ मिलावटखोरी की जांच करती है। लेकिन अब सरकार ने विभाग को लोगों को जागरूक करने का भी जिम्मा सौंपा है। लोगों को बताया जाएगा कि वह बाजार से किन खाद्य पदार्थों को खरीदकर उसका उपयोग करें। शासन की ओर से इस अभियान में आशा कार्यकत्रियों को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है। जागरूकता की सबसे ज्यादा जरूरत ग्रामीण इलाकों में है।
विभाग में बनेगा हेल्प डेस्क
आजमगढ़। अब विभाग द्वारा लोगों की सहायता के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में जल्द ही एक हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। जिस पर फोन के जरिए प्रतिदिन 10 बजे से 12 बजे तक लोगों की शिकायतों को सुनने के साथ ही मिलावट के संबंध में कोई भी जानकारी प्रदान की जाएगी।
हर महीने एक जागरूकता गोष्ठी कराना अनिवार्य
आजमगढ़। शासन की ओर से विभाग को लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत हर महीने एक जागरूकता गोष्ठी अनिवार्य रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। यह गोष्ठी विद्यालयों के साथ ही किसी भी सार्वजनिक स्थान पर होगी। जिसमें विभाग के अधिकारी मौजूद रहकर मिलावटी पदार्थों के खिलाफ लोगों को जागरूक करेंगे।
विभाग द्वारा की गई कार्रवाई
आजमगढ़। विभाग द्वारा एक अप्रैल से सितंबर माह 2017 तक 116 नमूने लिए गए हैं। जांच के बाद विभाग की ओर से 62 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। 24 लोगों से अर्थदंड के रूप में 329500 रुपये की वसूली हुई। वहीं तीन लोगों को कारावास भी हुआ। अगर एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान विभाग की ओर से कुल 215 नमूने लिए गए। जांच के बाद 100 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। 68 लोगों से अर्थदंड के रूप में 853000 रुपये की वसूली हुई।
अब तक विभाग द्वारा सिर्फ मिलावट के खिलाफ कार्रवाई के लिए नमूने लिए जाते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव की ओर से अब लोगों को मिलावट खोरी के खिलाफ जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। अब इस अभियान में आशा कार्यत्रियां भी शामिल की जाएंगी।
डा. वेद प्रकाश मिश्र, अभिहीत अधिकारी।