आजमगढ़। कमिश्नर के. रविन्द्र नायक ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए। मानक एवं गुणवत्ता के आधार पर समय सीमा के अन्तर्गत कार्य पूर्ण किया जाए। पूर्ण परियोजनाओं को तत्काल संबंधित विभाग को हैंडओवर करें।
मंडलायुक्त के रविंद्र नायक शुक्रवार को 50 लाख और उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान राजकीय निर्माण निगम इकाई वाराणसी की ओर से निर्माणाधीन स्वास्थ्य क्षेत्र की कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य 2-3 वर्षों से रुका मिला। कमिश्नर ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को निर्देश दिया कि संबंधित कार्यदायी संस्था से वार्ता करें। शनिवार को मंडलीय समीक्षा बैठक में संस्था का अधिकारी उपस्थित नहीं होेते हैं तो परियोजना के लिए धनराशि संस्था से भू-राजस्व की भांति वसूल किए जाने संबंधी नोटिस जारी कर 15 स्पष्टीकरण मांगा जाए। कार्यदायी संस्था के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देीशित किया कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए तत्काल सर्वे का काम पूर्ण हो। अक्टूबर माह से गड्ढा मुक्ति का कार्य युद्धस्तर पर कराएं। बारिश एवं बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे करा मरम्मत के लिए कार्य योजना तत्काल शासन को प्रेषित की जाए। मंडल में 50 लाख या उससे अधिक लागत की लोक निर्माण विभाग से संबंधित कुल 309 परियोजनाएं अपूर्ण हैं। आजमगढ़ में 113, मऊ में 17 और बलिया में 179 सड़कें शामिल हैं। कमिश्नर ने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों पर लगातार निगरानी रखें। संयुक्त शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया कि बारिश के अगले दिन निर्माणाधीन विद्यालयों का अवश्य जायजा लें। परियोजनाओं को टेकओवर करने के बाद तत्काल सक्रिय किया जाए। इस मौके पर संयुक्त विकास आयुक्त हरिशचन्द वर्मा, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या राजाराम यादव, मुख्य अभियन्ता लोक निर्माण विभाग अनुराग चतुर्वेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक एपी वर्मा, अधीक्षण अभियन्ता आरईएस सुरेशचन्द्र, अपर निदेशक पशुपालन डा.यूपी सिंह, आजमगढ़, बलिया एवं मऊ के अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि क्रमश: एन राम, एके मणि एवं आरके प्रसाद उपस्थित थे।