आमजगढ़। ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव के बाद अक्सर नवजात इन्फेक्शन के शिकार हो जाते हैं। जन्म के समय बच्चे के शरीर के तापमान का मौसम से सांमजस्य नहीं होने से भी वे कई बीमारी का शिकार हो जाते हैं। इससे शिशु मृत्यु दर में वृद्धि होती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवजातों के लिए विशेष प्रकार का फाइबर का कंबल दिया जा रहा है। ये कंबल बच्चों को इन्फेक्शन से बचाएगा और शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखेगा।
नवजात शिशु और उसे जन्म देने वाली मां के स्वास्थ्य को लेकर सरकार काफी गंभीर है। जच्चा-बच्चा के बेहतर देखभाल के लिए हमेशा आशाओं को सचेत किया जाता रहता है। पहले प्रसव के बाद बच्चे के आशा मां के घर से लाए गए कपड़े या कंबल में रख लेती थीं। इससे शिशु के अंदर इन्फेक्शन और आक्सीजन की कमी आदि की समस्या उतप्न्न होती थी और बच्चे की जान पर खतरा भी बना रहता था। अब प्रसव के बाद नवजात के मनचाहे कपड़े या अन्य कंबल में नहीं रखा जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से सरकारी कंबल देने की व्यवस्था शुरू की गई है। ये कंबल बच्चे के तापमान को संतुलित बनाए रखेगा। इससे प्रसूताओं तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आशाओं को दी गई है। जिस गांव में महिला का सीएचसी पर प्रसव होगा। उस गांव की आशा प्रसव के बाद नवजात को तुरंत सरकारी कंबल में रखेगी। पैदा होने के समय नवजात के शरीर का तापमान काफी कम हो जाता है, लेकिन ये कंबल उनके शरीर के तापमान को संतुलित रखेगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात के शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए फाइवर के बने कंबल आए हैं। इनका वितरण आशाओं को कर दिया गया है। इस कंबल से नवजात को काफी लाभ मिलेगा। आशाओं को बच्चे की जांच के लिए भी निर्देशित किया जा चुका है।