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निष्क्रिय लेखपालों को बर्खास्त करने के डीएम के निर्देश से लेखपालों में गुस्सा

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जिला कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को सदर तहसील स्थित लेखपाल संघ भवन में हुई। बैठक में तहसीलों में पांच-पांच निष्क्रिय लेखपालों को चिह्नित कर चार्जशीट जारी कर बर्खास्त करने के निर्देश का लेखपालों ने विरोध प्रकट किया। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि लेखपालों का उत्पीड़न किया गया तो संगठन शांत नहीं बैठेगा और वृहद आंदोलन को बाध्य होगा। बाद में जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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जिलाध्यक्ष हरिद्वार सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी ने गत दिनों सभी तहसीलों से पांच-पांच निष्क्रिय लेखपालों को चिह्नित कर बर्खास्त किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संगठन जिले के किसी भी लेखपाल का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जिले में निष्क्रिय उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक को बर्खास्त करें। उन्होंने कहा कि पुलिस, आबकारी विभाग और उपजिलाधिकारी, तहसीलदार के निष्क्रियता के कारण जिले में जहरीली शराब से कई मौतें हुई। लेकिन इन्हें बर्खास्त नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी ने प्रमुख सचिव राजस्व को इस संबंध में पत्र भेजा है। साथ ही 18 जुलाई को तहसील दिवस के बाद उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी किसी भी लेखपाल का उत्पीड़न किया गया तो संगठन कार्य बहिष्कार कर वृहद आंदोलन को बाध्य होगी। बैठक में राजेंद्र सिंह, रामाश्रय यादव, पंकज अस्थाना, रामानुज श्रीवास्तव, हरेंद्र सिंह, अनिल प्रजापति, समरजीत यादव, पंकज अस्थाना, रामानुज यादव, सुजीत मौर्य, राधेश्याम यादव, अमित पांडेय, ओम प्रकाश यादव, राजकुमार सिंह, नागेंद्र यादव, ओम प्रकाश सिंह, जितेंद्र सिंह, ज्ञानचंद्र सिंह, राजेश यदव आदि लेखपाल मौजूद रहें।
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