शिकायत में उल्लेख है कि भरोसा दिलाने के लिए 11 जुलाई 2025 को अभय चौहान के खाते में 21,500 रुपये वेतन के रूप में नेफ्ट के जरिए भेजे गए, ताकि नौकरी लगने का विश्वास बना रहे। लेकिन लंबे समय तक नियुक्ति पत्र न मिलने पर जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
रामप्रसाद चौहान का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो भोले-भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करता है। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ मंडल, पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ व मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।
इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
थाना प्रभारी शशि मौली पांडेय ने बताया कि आरोपी सुमित कुमार, रोशन कुमार, नीलेश कुमार, आदित्य, सुष्मिता कुमारी और सुनील कुमार खरवार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।