अहरौला(आजमगढ़)। जिले स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद आम जनमानस मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा रहा है। हालात यह हैं कि पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण कर दिया जा रहा है लेकिन मौके पर हालात के जस के तस ही रह रहे हैं। जिसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
बस्ती भुजबल निवासी लक्ष्मी चौबे पुत्र रामलोचन चौबे द्वारा तीन मामलों की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई। जिसका पोर्टल पर ऑनलाइन निस्तारण तो कर दिया गया लेकिन मौके पर हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। लक्ष्मी चौबे द्वारा कुसमहरा ग्राम सभा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण एक करोड़ की लागत से उप्र राजकीय निर्माण निगम वाराणसी यूनिट की और से 2007 में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू कराया गया था जो पूर्ण नहीं हो सका। ऑनलाइन शिकायत 2018 जनवरी में की गई थी। 22 फरवरी को ऑनलाइन शिकायत का निस्तारण करते हुए रिपोर्ट भेज दी गई कि उक्त मामले में कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक और एकाउंटेंट आदि को निलंबित कर दिया गया है। इसके अवशेष कार्य के निर्माण की जिम्मेदारी वहीं संस्था उठाएगी, अन्यथा की स्थिति में रिकवरी कराकर निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। लेकिन आज भी हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। ना तो कोई कार्रवाई हुई ना तो स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो सका। दूसरी शिकायत स्वास्थ्य केंद्र से ही संबंधित ग्राम सभाओं में स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र को लेकर है जो 2011 में अहरौला के तहत आने वाले आठ उपकेंद्रों को फर्जी आदेश पर तोड़ दिया गया था और इसकी शिकायत भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। जिसमें सीएमओ कार्यालय से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह भी अभी तक नहीं हो सका। तीसरा प्रकरण बस्ती भुजबल गांव में 18 लाख से मिनी सचिवालय का निर्माण 2010 में प्रस्तावित हुआ था। जिसमें ढांचा खड़ाकर पेमेंट लेकर उसी तरह से छोड़ दिया गया। इसकी निर्माण की जिम्मेदारी लैकफेड संस्था द्वारा करवाई गई थी। इसकी भी शिकायत ऑनलाइन मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई गई जबकि मिनी सचिवालय की भी जांच प्रभारी सहायक विकास अधिकारी अहरौला द्वारा की गई थी। मामले में कार्य को अपूर्ण दिखाते हुए आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई थी लेकिन यहां भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बात को लेकर शिकायतकर्ताओं में रोष व्याप्त है।