आजमगढ़। अपने स्रोत से अतिरिक्त आय करने वाली ग्राम पंचायतें जिन्होंने प्रतिवर्ष अपना सोशल आडिट कराया हो उनको सरकार की ओर से परफार्मेंस ग्रांट दी जाती है। हाल ही में इसके लिए आवेदन मांगें गए थे। जिसमें कुल 18 लोगों ने आवेदन किया था। लखनऊ में जब इनके सोशल आडिट की जांच की गई तो इनमें से दो ग्राम पंचायतों का सोशल आडिट फेल हो गया। ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से परफार्मेंस ग्रांट दी जाती है। इसके तहत सरकार की ओर से 2015-16 और 2016 में अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों से आवेदन मांगे गए थे। शर्त यह थी कि इन दो वर्ष में उक्त ग्राम पंचायत ने अपने स्रोत से अतिरिक्त आय अर्जित की हो और उसे रेवेन्यू में जमा कराया हो। साथ ही इन वर्षों का सोशल आडिट कराया गया हो। शासन द्वारा मांगे गए आवेदन पर जनपद में कुल 18 ग्राम पंचायतों ने आवेदन किया। जिसमें हाल ही में लखनऊ में हुई जांच में दो ग्राम पंचायतों के सोशल आडिट की रिपोर्ट गलत मिली। शेष बची 16 ग्राम पंचायतों के अभिलेख दुरूस्त पाए गए। अब प्रदेश स्तर की टीम उनकी जांच करेगी। इसके बाद इन ग्राम पंचायतों में से परफार्मेंस ग्रांट के लिए चयन किया जाएगा।
इनके अभिलेख मिले दुरुस्त
आजमगढ़। जांच में अहरौला विकास खंड की बनकट और धरौली, अजमतगढ़ की बासूपार बनकट, कंजरा दिलशादपुर, खालिसपुर, महावतगढ़ और नरहनखास, महराजगंज की देवनपुर, मेंहनगर की देवरिया, पिलखुआ और सरदारगंज, मिर्जापुर की कोरौली खुर्द और रीवा सुल्तानपुर, मुहम्मदपुर की गौरी के साथ तहबरपुर विकास खंड के भीमल पट्टी और खरचलपुर के अभिलेख दुरुस्त मिले।
परफार्मेंस ग्रांट के लिए जिले में 18 लोगों ने आवेदन किया था। जब इनके द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों की जांच की गई तो इसमें दो लोगों के अभिलेख गलत पाए गए। शेष बचे लोगों की जांच प्रदेेशीय कमेटी द्वारा की जाएगी।
आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी।