आजमगढ़। लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाने वाले प्रशासन के अंग ही नियमों की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। अगर दूसरा इन नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो जाती है लेकिन जब बात प्रशासन की आती है तो सारे नियम ताक पर रख दिए जाते हैं। कुछ ऐसे ही नियमों की धज्जियां नगरपालिका द्वारा उड़ाई जा रही है। नगर पालिका द्वारा एक दर्जन से अधिक गाड़ियों का नगर क्षेत्र में संचालन किया जाता है। इनसे कभी कभार दुर्घटनाएं हो जाती है। दुर्घटनाएं होने के बाद यह वाहन वहां से निकल जाते हैं। बाद में उनकी पहचान भी नहीं हो पाती है क्योंकि नगरपालिका का शायद ही कोई वाहन हो जिस पर नंबर पड़ा हो। अभी दो दिन पहले ही नगर पालिका की एक गाड़ी एक व्यक्ति के घर में घुस गई थी। लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। दोनों के बीच समझौता हो गया। लगभग एक साल पहले तक नगरपालिका के ज्यादातर वाहन परिवहन कार्यालय में पंजीकृत भी नहीं थे। जब अखबारों में यह खबर छपी तो रजिस्ट्रेेशन हुआ लेकिन कितने वाहनों का हुआ यह न तो नगरपालिका बता रहा और ना ही परिवहन कार्यालय। इस प्रकार नगर पालिका द्वारा खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सब कुछ देखते हुए भी प्रशासन मौन साधे तमाशा देख रहा है। विरेंद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका ने कहा कि रजिस्ट्रेशन सभी गाड़ियों का है। लेकिन अगर किसी गाड़ी में नंबर प्लेट नहीं लगी है तो इसे लगवाया जाएगा।