आजमगढ़। प्रदेश सरकार ने पॉलिथीन और थर्माकोल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद भी जिले में सरकार के इस प्रतिबंध का कोई असर नहीं देखने को मिल रहा है। प्रशासनिक सुस्ती के चलते धड़ल्ले से इनका प्रयोग व बिक्री पूर्व की भांति ही जारी है। वहीं इसके लिए जिले में नोडल अधिकारी बनाए गए ईओ नपा आजमगढ़ सिर्फ कागजी आकड़े पेश कर अपने जिम्मेदारियों की इतिश्री कर ले रहे है। बढ़ते प्रदूषण और उसमें पॉलिथीन व थर्माकोल के अहम योगदान को देखते हुए सरकार ने प्रदेश में 15 जुलाई से 50 माइक्रोन के पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक लगा दिया था। इसके साथ ही धीरे-धीरे कर पॉलिथीन व थर्माकोल पर पूर्ण प्रतिबंध की सरकार ने योजना बनाई हुई है। सभी जिलों को इसके लिए सरकार ने एक शासनादेश भी प्रेषित किया है। शासना देश जारी हुए तीन माह का लंबा समय बीत गया लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसा प्रशासनिक अमले व जिम्मेदारों के हीलाहवाली के चलते है। पूरे जिले में धड़ल्ले से पॉलिथीन और थार्माकोल का प्रयोग हो रहा है। सजा व जुर्माना के बाद भी लोगों में किसी भी प्रकार का डर नहीं है, दुकानदारों के साथ ही खरीदार भी बेधड़क होकर पॉलिथीन का प्रयोग कर रहा है। जिले में नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के ईओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे सिर्फ वीसी व बैठकों में कागजी आकड़े पेश कर अपने जिम्मेदारियों की इतिश्री कर ले रहे है।
अब तक ऐसे हुई कार्रवाई
आजमगढ़। अब तक जिले में कुल 282 किग्रा पॉलिथीन पकड़ा गया है और जुर्माना के रूप में लगभग पंद्रह हजार रुपये वसूल किए गए है। जुलाई माह में ही दो-चार दिन जो अभियान चला उसके बाद संबंधितों द्वारा सिर्फ कागजी घोड़े ही दौड़ाए जा रहे है। नपा आजमगढ़ में अब तक 97 किग्रा व नपा मुबारकपुर में 27 किग्रा पॉलिथीन जब्त की गई। वहीं नगर पंचायत सरायमीर में 7.4 किग्रा, मेंहनगर में 20 किग्रा, लालगंज में 28 किग्रा, निजामाबाद में 21 किग्रा, अजमतगढ़ में 7.5 किग्रा, अतरौलिया में 5 किग्रा, बिलरियागंज में 44 किग्रा, जीयनपुर में 7.5 किग्रा, फूलपुर में 2 किग्रा, महराजगंज में 9 किग्रा, माहुल में 5.9 किग्रा पॉलिथीन बरामद किया गया है।