आजमगढ़। संस्कृति मंत्रालय और सूत्रधार संस्थान की ओर से 90 दिवसीय नौटंकी कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। रंग प्रशिक्षुओं को लोक कला के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला के दूसरे दिन सरदार इंटर कॉलेज सरदहाबाज में चित्रकला के लेक्चरर एवं संस्कार भारतीय काशी प्रांत के उपाध्यक्ष हीरालाल शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने नौटंकी कार्यशाला की शुरुआत नारियल फोड़कर की।
हीरालाल शर्मा ने रंग प्रशिक्षुओं को लोक कला के बारे में जानकारी दी। बताया कि उत्तर प्रदेश की लोक परंपरा और लोक संस्कृति काफी पुरानी और समृद्ध रही है। वर्तमान में इसकी जगह शोर-शराबे वाली संगीत ने ले ली है। इसलिए हमें अपनी संस्कृति को बचाना चाहिए। लोक नृत्य धोबिया, कहरवा, जांघिया, पंवरिया आदि के बारे में विस्तार से जानकारीयां दीं। वरिष्ठ रंगकर्मी डीडी संजय ने अतिथि को सम्मानित किया। आगे कार्यशाला में प्रतिष्ठित नौटंकी विशेषज्ञ आत्मजीत सिंह, उर्मिल थपलियाल, पंडित रामदयाल भाग लेंगे और रंग प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देंगे। इस मौके पर संगीत प्रशिक्षक शशिकांत कुमार, ममता पंडित, अभिषेक पंडित, रितेश रंजन, अंगद कश्यप, पुनीत यादव, श्रेयांश सिंह, सूरज यादव आदि उपस्थित थे।