आजमगढ़। यूनिसेफ के सुझाव पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में सोप बैंक की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। इस बैंक में कोई भी साबुन को जमा कर सकता है। इस साबुन को उपयोग विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे हाथ धोने के लिए करेंगे। अक्सर देखा जाता है दूषित हाथ से खाना खाने के कारण बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। जिसके कारण उन्हें विद्यालय मिस करना पड़ता है जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होती है। वर्तमान में यूनिसेफ की टीम द्वारा जनपद में घूम-घूमकर स्वच्छता और शौचालय की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। यूनिसेफ की टीम के सुझाव पर जिलाधिकारी ने जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों में सोप बैंक की स्थापना करने का निर्णय लिया है। चूंकि अब स्कूल में ही बच्चों को मध्याह्न भोजन भी दिया जाता है। साबुन के अभाव में बच्चे पानी से हाथ धोकर खाना खाते हैं। जिससे उन्हें बीमार होने का खतरा रहता हैै। इस सोप बैंक के खुलने के बाद लोगों द्वारा जमा किए गए साबुन से बच्चे हाथ धुलकर ही भोजन करेंगे। विद्यालय के शिक्षक भी इस बात का ध्यान रखेंगे कि बच्चे भोजन करने से पहले हाथ को साबुन के जरिए अच्छी तरह से साफ करें। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सोप बैंक में कोई भी व्यक्ति साबुन जमा कर सकता है। जिसका उपयोग बच्चों द्वारा किया जाएगा।