मेजवां। माहुल-फूलपुर मार्ग पर लोनियाडीह गांव स्थित मदरसा के पास ओंगरी नदी पर बना जर्जर पुल चार माह पूर्व टूट गया जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। भट्टा मालिक ने इस पुल पर साइफन डालकर इसे आवागमन योग्य बनाया था लेकिन बरसात का पानी चढ़ने के कारण इस पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। सोमवार को एक बार फिर जनसहयोग से इसे आवागमन योग्य बनाया गया। पुल टूटने से फूलपुर या माहुल जाने आने के लिए सात किमी अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। जिसके चलते लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। अगर प्रशासन तत्परता दिखाए तो पुल बनने की कार्रवाई जल्द हो सकती है चूंकि यह मार्ग फूलपुर और माहुल को अंबेडकर नगर से जोड़ता है। शार्ट कट मार्ग होने से लोगों के लिए यह मार्ग सुविधा जनक है। जब पुल टूटा तो पुल के बगल से ईंट भट्ठा मालिक मुहम्मद राशिद और अन्य सहयोगियों ने सायफन डाल कर मार्ग बनाया। वह भी अधिक बारिश के दौरान डूब गया। जिसके चलते मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सोमवार को एक बार फिर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बनाए गए मार्ग पर राशिद, दानिश, भारत, अंगद आदि सैकड़ों लोगों के सहयोग से ईंट के टुकड़े डाल कर पुन: मार्ग को चालू किया। ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन की समस्या को देखते हुए भी प्रशासन मौन है। जिसके चलते दिन प्रतिदिन दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। एसडीएम फूलपुर आशा राम यादव की मानें तो पुल के निर्माण के लिए शासन को धन अवमुक्त करने के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर पुल का निर्माण शुरू किया जा सकता है।