आजमगढ़। मार्केंटिंग इंसेटिव हड़पने की दोषी 11 समितियों का पक्ष सुनने के बाद पूर्व जिलाधिकारी की ओर से एफआईआर और रिकवरी के लिए अधिकारी को नामित भी कर दिया गया था। इसके बाद भी अभी तक आरोपी समितियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। बुनकर मजदूर यूनियन गुरुवार को कमिश्नर और जिलाधिकारी से आरोपी समितियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शिकायत पर हथकरघा आयुक्त के निर्देश पर पूर्व जिलाधिकारी सीबी सिंह ने टीम का गठन कर 11 बुनकर समितियों की जांच कराई थी। जांच के बाद समितियों से 1.40 करोड़ की रिकवरी और एफआईआर की संस्तुति की गई थी। हथकरघा आयुक्त के निर्देश के अनुसार मामले में 13 मार्च को एक और मौका देकर समितियों का पक्ष भी लिया जा चुका है। सीडीओ अभिषेक सिंब की अध्यक्षता में गठित कार्रवाई टीम की संस्तुति पर पूर्व जिलाधिकारी सीबी सिंह ने आरोपी समितियों पर एफआईआर कराने और रिकवरी के लिए एडीआई हथकरघा विभाग मऊ को नामित भी कर दिया था। इसके बाद भी कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। वहीं, हथकरघा आयुक्त के निर्देश पर 250 अन्य समितियों की जांच के लिए टीम का गठन भी कर दिया था, लेकिन अभी तक इनकी जांच शुरू भी नहीं हो पाई है। गुरुवार को बुनकर मजदूर यूनियन के सदस्यों ने कमिश्नर एसवीएस रंगाराव और जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी से मुलाकात की। आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों की ओर से आरोपी समितियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर आमिर फहीम, खैरुल बशर, नेहाल हाशिम, एहसान, अब्दुल अली, मो. खालिद, वकील, अरशद आदि शामिल थे।
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मामले की शिकायत मिली है। इस संबंध में सीडीओ से पत्रावली पर आख्या मांगी गई है। यदि 11 समितियां गबन की दोषी पाई गई हैं तो कार्रवाई जरूर होगी। थोड़ा समय लगता है। अन्य समितियों की जांच भी जल्द शुरू की जाएगी।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी
हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय ने 26 तक तलब की रिपोर्ट
आजमगढ़। एक तरफ 11 आरोपी समितियों पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी है, वहीं हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय के निदेशक मनोज जैन ने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर कहा है कि सात और 21 फरवरी को पत्र भेजकर 11 बनकर समितियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 23 फरवरी तक मांगी गई थी। इसके बाद भी प्रशासन की रिपोर्ट अभी नहीं भेजी गई है। शिकायतकर्ताओं की ओर से लगातार शिकायत की जा रही है। जिलाधिकारी को 26 मार्च तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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