आजमगढ़। कोर्ट के आदेश पर होली के अवसर पर पुलिस और प्रशासन कहीं भी बगैर परमिशन लिए डीजे आदि नहीं बजने दे रहा। साथ ही डीजे संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वह अपने साथ ध्वनि मापक यंत्र जरुर रखें। डीजे की आवाज किसी भी दशा में मानक के विपरित न होने पाए। निरीक्षण के दौरान यदि आवाज तेज मिली और उनके पास ध्वनि मापक यंत्र नहीं पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को एसपी अजय कुमार साहनी ने यह निर्देश सभी थानाध्यक्ष और सीओ को जारी किया है।
एसपी ने बताया कि कोर्ट का सख्त निर्देश है कि किसी भी दशा में साउड की आवाज दिन में 55 डेसीबल और रात के समय 45 डेसीबल होना चाहिए। इसके अलावा साउंड सुबह छह बजे से रात दस बजे तक ही बजेंगे। इसके बाद भी यदि कोई बगैर सक्षम अधिकारी से आदेश लिए ही साउंड बजाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट की सख्या के बाद पुलिस इस आदेश का कड़ाई से पालन करा रही है। होली के अवसर पर ज्यादातर लोग तेज गति से डीजे पर अश्लील गाने बजाकर नृत्य करते हैं। नाचने के चक्कर में कई जगहों पर हिंसक घटनाएं भी हो जाती हैं। इसके अलावा तेज आवाज में अश्लील गाना बजने से गांव के लोगों को शर्म महसूस होती है। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि डीजे संचालक बगैर परमिशन लिए कत्तई डीजे नहीं बजाएंगे। डीजे मालिकों के पास ध्वनि मापक यंत्र भी होने चाहिए। यदि आदेश का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।