मेंहनगर। देवकली गांव रामघाट कुटी स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में चल रहें श्री सीताराम महायज्ञ के पांचवें दिन अयोध्या में श्रीराम जन्म की कथा सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा वाचक राधेरमण विहारी ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ तो चारों तरफ नगरी में खुशी का माहौल हो गया। हर तरफ सोहर की धुन पर अयोध्यावासी नाचने-गाने लगे। राजा दशरथ और माता कौशिल्या को बधाई देने वालों का तांता लग गया। भगवान के भजन से प्रेम मिलता है। श्रीराम के आदर्शों से सीख लेकर हमें सत्य की राह पर चलना चाहिए। यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और समाज को शांति मिलती है। महायज्ञ में सुबह पांच बजे से रात्रि आठ बजे तक श्रद्धालु यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। यज्ञकर्ता निर्मल दास महाराज व यज्ञाचार्य पंडित रामजी द्विवेदी प्रतिदिन हवन कर रहे हैं। अवधेश सिंह, जितेन्द्र सिंह, विजेन्द्र सिंह, राधेश्याम सिंह, सुरेन्द्र सिंह, जय प्रकाश पाण्डेय, उदय प्रकाश सिंह सहित आदि मौजूद थे।
मंत्रोच्चारण के बीच हुआ मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा
मुबारकपुर। सठियांव ब्लाक के नैठी गांव में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा के बाद गुरुवार को माता दुर्गा मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन कर मूर्ति की स्थापना संतों-महंतों के साथ ही सैकड़ों श्रद्धालुओं के मौजूदगी में की गई। जयकारों और उदघोष से माहौल भक्तिमय हो गया। भक्तों ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। शाम सात बजे से बलिया और आजमगढ़ के कलाकारों की ओर से जागरण का आयोजन किया गया। श्रोताओं को अपने भजनों पर थिरकने पर मजबूर कर दिया। अरुण सिंह अलबेला ने खूब वाहवाही बटोरी। देवेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, सत्यनारायण श्रीवास्तव, प्रभुनाथ, धीरेंद्र सिंह, मनीष श्रीवास्तव, राजकुमार, नेता सिंह, धिरंजन मौर्य, डिम्पल, किशुन शर्मा, इन्द्रमणि गुप्ता मौजूद रहे।