गर्भवती माता एवं नवजात शिशु को चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शुरू किया गया मदर चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सठियांव में पानी फिरता नजर आ रहा है। आरोप है कि सुविधा शुल्क न मिलने पर इससे जुड़ी आशाओं को मदर आईडी जारी करने के नाम पर खेल हो रहा है। कमीशन न मिलने से परेशान आशाओं ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया है।
सठियांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पोर्टल पर गर्भवती माताओं के पंजीकरण के नाम पर खेल किया जा रहा है, जिससे पंजीकरण कार्य अधर में है। आशा, अमरावती, नूरी, सुनीता, गीता, शीलावती ने बताया कि पंजीकरण कराने के बाद आशा का कमीशन सरकार ने छह सौ रुपये तय किया है। पंजीकरण न होने की दशा में मात्र तीन सौ रुपये कमीशन मिलता है। गर्भवती माताओं का आईडी जारी करने के नाम पर प्रति आईडी एक निर्धारित सुविधा शुल्क मांगा जाता है। सुविधा शुल्क न देने पर आईडी नहीं जारी की जा रही है। यही कारण है कि आईडी जारी न होने से लगभग 15 सौ गर्भवती माताओं की प्रोत्साहन राशि लटक गई है। आशाओं को भी कमीशन के लिए कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। इस संबंध में प्रभारी डा. बृजेश कुमार ने बताया कि सिस्टम में कुछ गड़बड़ी और बदलाव आने के कारण पंजीकरण सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। एसीएमओ डॉ. वाइके राय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी शिकायत की जांच की जाएगी।