आजमगढ़। जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना संजोए सपा से बागी हो चुके प्रमोद यादव ने आखिरकार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने की तैयारी पूरी कर ली। मंगलवार को उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी सदस्यों के शपथ पत्र के साथ मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व ब्लाक प्रमुख रह चुके प्रमोद यादव जिले के कद्दावर नेता दुर्गा प्रसाद यादव के भतीजे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना संजोए उन्होंने हाफिजपुर सीट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े और रिकार्ड मतों से जीत हासिल की। जिस समय जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी हो रही थी तब इनका नाम भी उस लिस्ट में शामिल था। लेकिन बाद में इनके नाम को काटकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव को पार्टी ने प्रत्याशी बना दिया। सत्ता में रहने के कारण समाजवादी पार्टी मीरा यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही। लेकिन पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव और उनके भतीजे प्रमोद यादव के बीच इस कुर्सी को लेकर दरार पड़ गई। 2017 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में प्रमोद यादव ने अपने चाचा के खिलाफ बसपा प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह मुन्ना का समर्थन किया था। हालांकि दुर्गा प्रसाद यादव चुनाव जीत गए। जिला पंचायत अध्यक्ष का सपना पाले प्रमोद यादव धीरे-धीरे इस कुर्सी को पाने की कोशिश में लगे रहे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर भी उलटफेर होगा। सूत्रों की मानें तो एलआईयू ने भी शासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी थी। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव को भी उलटफेर होने की पूरी संभावना थी। हालांकि उन्हें इस बात का पूरी तरह से ज्ञान था कि कौन लोग तख्ता पलट की तैयारी में हैं। अंतत: अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी सदस्यों के शपथ पत्र के साथ प्रमोद कुमार यादव ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह को ज्ञापन सौंपा और अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की।
प्रमोद यादव ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में उनके पास 46 सदस्यों का शपथ पत्र है। जिसे उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को सौंपकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि और सदस्यों के भी उनके साथ आने की संभावना है।
सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने जिले के माफिया मिलकर जिला पंचायत अध्यक्ष को कुर्सी से हटाना चाहते हैं। लेकिन हमारे जिला पंचायत सदस्य उनके मंसूबे को कामयाब नहीं होने देंगे। निश्चित रूप से यह अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं होगा गिर जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी की गैर मौजूदगी में मुझे यह ज्ञापन मिला है। इसमें कितने सदस्यों के शपथ पत्र थे यह तो नहीं मालूम लेकिन मैंने उसे जिला निर्वाचन कार्यालय भेज दिया है। आगे की कार्रवाई जांचोपरांत की जाएगी।