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Azamgarh News : 19 वर्ष बाद मासूम शुभांग हत्याकांड में आया फैसला, दो दोषियों को आजीवन कारावास, अर्थदंड की सजा

Mon, 17 Mar 2025 06:55 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

अपहरण के बाद मासूम शुभांग की हत्या मामले में कोर्ट ने 19 साल बाद फैसला सुनाया और दो दोषियों को आजीवन कारावास के साथ ही अर्थदंड की सजा दी। बता दें कि शुभांग 31 अगस्त 2006 को स्कूल गया लेकिन वापस नहीं आया और फिरौती का फोन आने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने में नौकर की भूमिका भी सामने आई थी।
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मृत मासूम की फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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फिरौती के लिए अपहरण किए गए मासूम शुभांग की हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 45000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 जैनेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने सोमवार को सुनाया।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा अजीत रुंगटा निवासी सदावर्ती का पुत्र शुभांग रूंगटा ज्योति निकेतन स्कूल का छात्र था। रोज की तरह शुभांग रूंगटा 31 अगस्त 2006 को स्कूल गया लेकिन वापस नहीं लौटा। परेशान माता-पिता ने जब तलाश की तो शुभांग की साइकिल स्कूल के साइकिल स्टैंड में ही मिली।

उसी रात 9 बजे अजीत रूंगटा के फोन पर फिरौती के लिए फोन आया। संदेह होने पर पुलिस ने सबसे पहले घर में काम करने वाले नाबालिग नौकर को ही उठाया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में नौकर ने स्वीकार किया कि फिरौती के लिए तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर शुभांग का अपहरण किया है।
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शुभांग को सिधारी थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव में प्रमोद यादव के घर में रखा गया है। पहचान लिए जाने के डर से गला दबाकर शुभांग की हत्या करके शारदा टॉकीज के पास नदी किनारे सरपत के झुरमुट में लाश को फेंक दिया गया। नाबालिग नौकर की निशानदेही पर शुभांग की लाश 3 सितंबर 2006 को बरामद की गई।

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद प्रमोद यादव उर्फ बालू यादव निवासी जमालपुर, अजीत कुमार शर्मा निवासी हर्रा की चुंगी तथा दो नाबालिग आरोपियों के विरुद्ध नवंबर 2006 में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित की। दोनों नाबालिग आरोपियों की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।

अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता ने वादी मुकदमा अजीत रुंगटा समेत आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी प्रमोद यादव उर्फ बलऊ तथा अजीत कुमार शर्मा को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 45000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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