आजमगढ़। मौसम में सोमवार की सुबह अचानक हुए बदलाव ने सभी को हैरत में डाल दिया। सुबह तो तेज धूप निकली लेकिन कुछ देर बाद ही मौसम ने पलटी मार दी और पूरा शहर कोहरे की गिरफ्त में आ गया। चूंकि सुबह धूप निकली थी, इस वजह से लोग बिना गर्म कपड़ों के ही लोग बाहर निकले थे। ऐसे में हवा के झोंके के साथ छाए घने कोहरे ने उन्हें ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। सोमवार को साल का पहला कोहरा देखने को मिला। सुबह सूर्य की किरणों के कारण मौसम सुहाना बना हुआ था लेकिन आठ बजे के बाद अचानक तेज ठंडी हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते पूरा शहर घने कोहरे की चादर में लिपट गया। इसके बाद बढ़ी ठंड ने बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के बाहर निकले लोगों को परेशान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लगभग डेढ़ से दो घंटे तक कोहरे ने पूरे शहर को अपने आगोश में लपेटे रखा। दोपहर में सूर्य की किरणें जब धरती पर पहुंची तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ था। घने कोहरे के कारण सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी रही। वाहन चालक अपनी गाड़ियों की हेडलाइट को जलाकर रेंगते नजर आए।
कोहरे से बिगड़ी ट्रेनों की चाल
मेजवां। भीषण कोहरे के चलते सोमवार को दिल्ली से आजमगढ़ के बीच चलने वाली कैफियात एक्सप्रेस (12226) आजमगढ़ सात घंटे विलंब से पहुंची। इसके चलते आजमगढ़ से बनकर दिल्ली तक जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस (12225) दो घंटे विलंब से रवाना हुई। आजमगढ़ के रास्ते मुंबई से गोरखपुर तक चलने वाली गोदान एक्सप्रेस डाउन दो घन्टा विलंब से आजमगढ़ आई। इसके चलते खुरासन रोड, सरायमीर, आजमगढ़ स्टेशनोंपर यात्रियों को काफी दिक्कतें हुई। उधर रेल परिचालन ने कोहरे को देखते हुए पहले से ही प्रत्येक बुधवार को दिल्ली से 13 फरवरी तक कैफियात डाउन के परिचालन पर रोक लगा दी है। इसी तरह 14 फरवरी तक प्रत्येक गुरुवार को आजमगढ़ से दिल्ली के लिए निरस्त रहेगी। खुरासन रोड स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि कोहरा के चलते ट्रेनें बिलंब से चल रही हैं।