आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग के आवश्यक दवाओं और उपकरण के भंडारण के लिए उचित स्थान नहीं है। विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वाथ्य की ओर से जनपद में मेडिकल सप्लाइज कारपोरेशन स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। अब स्वाथ्य विभाग ने आदेश के क्रम में ड्रग वेयर हाउस के निर्माण के लिए 1.25 एकड़ जमीन की मांग की है। ऐसी स्थान जहां पर भारी वाहन पहुंचने का रास्ता हो वहां जमीन खरीद कर विभाग वेयर हाउस का निर्माण कराएगा।
दवा खत्म होने पर सरकारी अस्पतालों को राजधानी से दवा की खेप पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकारी अस्पताल अपनी जरूरत के हिसाब से मांगपत्र के आधार स्थानीय ड्रग हाउस से दवा प्राप्त कर मरीजों को इसका वितरण कर पाएंगे। ट्रांसपोर्टिंग क्षमता दूर करने के लिए अब जिले में ही ड्रग हाउस बनाया जाएगा। इससे विभिन्न बीमारियों के प्रयोग होने वाली दवा का पर्याप्त मात्रा में स्टाक रहेगा। इसके लिए जनपद में पांच हजार वर्ग मीटर जमीन ( 1.25 एकड़) पर ड्रग वेयर हाउस (दवा गोदाम) बनाने की योजना है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने शासन से जमीन तलाश कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश के बाद जिलाधिकारी से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। जमीन जिला मुख्यालय के समीप होनी चाहिए और ऐसे स्थान पर होनी चाहिए जहां भारी वाहन आसानी से पहुंच जाए। जिलाधिकारी ने भूलेख विभाग को जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश के बाद जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
वेययर हाउस न होने से होती है परेशानी
आजमगढ़। अभी तक प्रदेश के तमाम जिलों के सरकारी अस्पताल दवाओं के लिए मेडिकल कार्पोरेशन के राजधानी स्थित ड्रग वेयर हाउस पर निर्भर रहते हैं। यहां से दवाओं को दूसरे जिलों तक पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्टिंग की लंबी प्रक्रिया होती है। इसके कारण अक्सर सरकारी अस्पतालों में दवा का स्टाक पूरा नहीं हो पाता।मरीजों को अक्सर उनकी जरूरतों के हिसाब से दवा नहीं मिल पाती। सरकारी अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं होने देने के लिए अब हर जिले में ड्रग हाउस बनाने की योजना बनाई गई है। इसमें दवाओं का पूरा स्टाक रखा जाएगा, ताकि आवश्यकता होने पर तत्काल उसकी आपूर्ति संबंधित अस्पतालों में की जा सके।
दवाओं के स्टाक के लिए शासन से ड्रग वेयर हाउस निर्माण के लिए जमीन का प्रस्ताव मांगा गया है। जिलाधिकारी से जमीन की मांग की गई है। अभी जमीन नहीं मिली है। जमीन मिलने के बाद बजट का आवंटन होगा और शासन से चयनिक कार्यदायी संस्था की ओर से ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कराया जाएगा।
डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ