आजमगढ़। रोडवेज प्रशासन और चालकों पर मनमानी पर अंकुश लगाने एवं सामाजिक कार्यकर्ता पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर लामबंद हिंद सेवा दल निषाद सेना के सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशुन निषाद के नेतृत्व में रोडवेज के समीप अनिश्चितकालीन धरने और अनशन श्ुारू किया रोडवेज तिराहे से पर अनाधिकृत रूप से खड़ी होने वाली बसों पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशुन निषाद ने कहा कि रोडवेजकर्मियों के मनबढ़ चालक और परिचालक तिराहे पर बसों को बेतरतीब खड़ी करके अनावश्यक रूप से जाम लगा देते हैं। नवनिर्मित रोडवेज भवन का उद्घाटन होने के बाद भी बसों का संचालन रोडवेज परिसर से नहीं किया जा रहा है। बसों को परिसर में खड़ा किया जाए, प्रेशर हार्न पर रोक लगाई जाए। सामाजिक कार्यकर्ता एसके सत्येन और उनके भाई पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा सहदेवगंज में किसानों के एनपीए खातों से बैंक कर्मियों द्वारा नोटबंदी के दौरान किसानों के बगैर हस्ताक्षर के उनके खातों से लेन-देन किया गया, जिससे किसानों को कर्जमाफी से वंचित होना पड़ा है। इसकी जांच कराई जाए। दोषी बैंककर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जाए। मंडलीय जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के चैंबर में अवैध तरीके से बैठने वाले युवकों को हटाया जाए। सरकारी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों से धन उगाही पर रोक लगाई जाए। सोमवार को धरने की अध्यक्षता मोतीलाल और संचालन लालजी यादव ने किया। धरने में छविराज निषाद, राकेश गौतम, प्रेम निषाद, लालसा निषाद, हरेन्द्र यादव, राजनाथ यादव, हौसला निषाद, कैलाश यादव, जामवंत यादव, राजीब गौतम, हरिराम, बृजेश, अखिलेश राजभर, कुन्दन यादव, प्रमोद प्रजापति मौजूद रहे।