आजमगढ़। सगड़ी तहसील के हैदराबाद गांव में भीटे की जमीन पर कब्जे को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने जमीन को ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने और लाभार्थियों के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। उनके इस फैसले के खिलाफ गीता देवी हाईकोर्ट चली गई। हाईकोर्ट ने इस मामले में जिलाधिकारी के फैसले पर रोक लगाते हुए वादी को सुनने के बाद मामले के निस्तारण का निर्देश दिया है।
हैदराबाद गांव के ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर यह आरोप लगाया गया था कि गांव स्थित भीटे की जमीन पर गांव के गीता देवी आदि ने कब्जा जमा रखा है। जिलाधिकारी ने उक्त मामले की जांच बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से कराई। जांच के बाद जिलाधिकारी ने उक्त भूमि से कब्जदारों का नाम निरस्त कर उक्त भूमि को ग्रामसभा के खाते में दर्ज करने और लाभार्थियों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इस फैसले के खिलाफ गीता देवी हाईकोर्ट में चली गई। हाईकोर्ट में उन्होंने कहा कि इस फैसले से पूर्व उनकी बात नहीं सुना गया। इस पर हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश पर रोक लगाते हुए गीता देवी के बयान को सुनकर फैसला करने का निर्देश दिया है।