आजमगढ़। प्राचीन परंपराओं के क्रम में बुधवार को होली की पूर्व संध्या पर शहर में आकर्षक झांकियों के साथ बुढ़वा की बरात निकाली गई। बैंड बाजे के साथ निकली आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। पुरानी कोतवाली क्षेत्र से शुरू हो कर शोभायात्रा पूरे शहर का भ्रमण करते हुए पुन: पुरानी कोतवाली पहुंच कर खत्म हुई। परंपरा के अनुसार हर बार की तरह इस बार भी बुढ़वा को दुल्हनिया नहीं मिली और वह मायूस ही वापस लौट गया।
श्री जगदीश जी हनुमान दल अखाड़ा पुरानी कोतवाली के बैनर तले जामा मस्जिद के पास से बुढ़वा के बरात की शुरूआत हुई। बैंडबाजा और आकर्षक झांकियों के साथ शुरू हुई शोभायात्रा पुरानी कोतवाली, तकिया, कोट, दलालघाट, पुरानी कोतवाली, मुख्य चौक, मातबरगंज, लालडिग्गी, पुरानी सब्जीमंडी होते हुए पुन: जामा मस्जिद पुरानी कोतवाली पहुंच कर संपन्न हुई। शोभायात्रा में दुल्हा बने बुढ़वा को इस बार भी दुल्हन नसीब नहीं हुई। वहीं शोभायात्रा में शामिल शिव-पार्वती, भारत माता, भगवान विश्वकर्मा, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही बारात में शामिल युवाओं की टोली अबीर गुलाल उड़ाते हुए ढोल ताशे पर झूमते चल रही थी। इस अवसर पर श्रीचंद, रामप्रसाद, संतोष, सुरेश, जयप्रकाश, भोला, अशोक, नरेश, विभाष सिन्हा, पन्नालाल, राजेंद्र, त्रिलोकी, प्रदीप, राजीव आदि मौजूद रहे। फूलपुर संवाददाता के अनुसार श्री हनुमान दल अखाड़ा के तत्वावधान में भी जुलूस निकाला गया। जुलूस में कलाकार हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए चल रहे थे। इसी तरह निजामाबाद में भी बुढ़वा की बरात निकाली गई। बरात पूरे नगर क्षेत्र में भ्रमण कर दुल्हन के घर पहुंची, जहां दुल्हन की विदाई न होने पर दूल्हा नाराज हो गया। पूर्व की भांति इस बार भी दूल्हे को दुल्हन नहीं मिली। वहीं सरायमीर में सब्जीमंडी धर्मशाला से बुढ़वा की बरात निकाली गई जो पुराना थाना, चौक, मवेशीखाना होते हुए थाना परिसर पहुंची। यहां थानाध्यक्ष ने बरात का भव्य स्वागत किया। इसके साथ ही अबीर-गुलाल के साथ जम कर लोगों ने होली का आनंद उठाया।