आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए बजट को विपक्षी पार्टियों ने लोक सभा 2019 का बजट बताया तो भाजपा ने गरीब, मजदूर, किसान, बेरोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर बताया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हवलदार सिंह ने कहा कि यह बजट लोक सभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस बजट में किसानों की कर्ज माफी किए जाने का कही भी जिक्र नहीं किया गया है। बजट से पहले ही विद्युत का चार्ज बढ़ा दिया गया। डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए। जिसके कारण रोडवेज की बसों का किराया भी बढ़ गया। यह बजट मध्य वर्ग के लिए बोझ है। कुल मिलाकर यह बजट निराशाजनक है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय ने कहा कि यह न्यू इंडिया का बजट है। बजट के केंद्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि को ध्यान में रखकर बनाया गया है। किसानों के कृषि उपज को सरकार ने पूरा-पूरा समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए 5500 केंद्रों की स्थापना करेगी। प्राइमरी विद्यालयों को कांवेट स्कूलों के समक्ष लाने का प्रयास करेगी। इसके लिए सरकार ने बजट में 18 हजार करोड़ की व्यवस्था की है। ग्रामीण परिवेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 100 आयुर्वेदिक अस्पताल खोले जाएगे। रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत पीजीआई अस्पताल से की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि यह बजट दिखावा मात्र है। पहले जैसे जुमलेबाजी होती थी, उसी तरह यह जुमलेबाजी का बजट है। इस बजट में किसान, मजदूर, बेरोजगार और महंगाई को कम किए जाने का कोई प्राविधान नहीं किया गया है। भाजपा ने रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन सब झूठा साबित हुआ।
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है फिर भी सभी बेहाल है। इस बजट में बेरोजगारों, नौजवानों को रोजगार के लिए कोई प्राविधान नहीं किया गया है। किसान की कर्ज माफी के लिए भी कोई जिक्र नहीं किया गया है। किसान आज भी परेशान है। भाजपा की नोटबंदी और जीएसटी ने गरीबों को और गरीब बनाने का काम किया है। यह लोक सभा चुनाव को देखते हुए बजट बनाया गया है।