सगड़ी। सगड़ी तहसील क्षेत्र के जीयनपुर स्थित नूरी जामा मस्जिद में 70 वर्षीय सलामत बाबा 20 वर्षों से लगातार मस्जिद में अल्लाह की इबादत करते हैं । धन दौलत को त्यागकर मस्जिद में रात.दिन पड़े हुए हैं और अल्लाह ताला से ही बात करते हैं। कि अल्लाह ताला मुझे अच्छी राह दिखाए। साथ ही उनकी कृपा; सायाद्ध हमेशा मेरे ऊपर बनी रहे मुझे जन्नत मिले। हर मौसम में रात्रि को दो बजे स्नान करते हैं और 12 महीना 20 वर्ष से लगातार पड़े हुए हैं।
क्षेत्र की रौनक है तीन सौ वर्ष पुरानी नूरी जामा मस्जिद
सगड़ी। सगड़ी तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत जीयनपुर में आजमगढ़- दोहरीघाट मार्ग पर सडक़ के किनारे स्थित तीन सौ वर्ष पुरानी नूरी जामा मस्जिद क्षेत्र की रौनक को बढ़ा रही है। लोगों का कहना है कि पहले कच्ची बनी थी। किनारे.किनारे ईंट थी बल्ली और धरन के सहारे खपरैल से बनाई गई थी। कई बार इसका जीर्णोद्धार किया गया। नूरी जामा मस्जिद पूरे क्षेत्र में मशहूर है। इस में दूर दराज से लोग नमाज अदा करने आते हैं। यहां पर लोग इबादत करते हैं। इस क ा इतिहास इतना पुराना है कि इतने पुराने लोग बचे ही नहीं है जो मस्जिद के बारे में बताते कि इसको किसने बनवाया था। इसका रिकॉर्ड कोई नहीं है। लोगों के सहयोग से बनाई गई है। यह मस्जिद दो मंजिला है गर्मी के महीने में भी यहां ठंडा रहता है।मस्जिद के अंदर जाने के लिए एक दरवाजा है। त्योहारों में झालर से भव्य तरीके से सजाया जाता है। इसकी छठा देखने लायक बनती है। इसमें इमाम मौलाना मुस्तफा और मोअज्जीन मुन्नू अन्सारी है।