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50 स्कूलों की जांच के लिए बनाई गईं 10 कमेटियां 0

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आजमगढ़। समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली पेंशन, छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में 150 करोड़ के घोटाले की जांच के जल्द से जल्द पूरी करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए सीडीओ की ओर से 10 कमेटियों का गठन किया गया है, जो घोटाले में चिह्नित कालेजों की जांच करेंगी। प्रत्येक टीम को पांच-पांच कालेजों की जांच का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है, ताकि एफआईआर और रिकवरी का कार्रवाई शुरू की जा सके।
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वर्ष 2007 से 2013 तक समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की मदों में विभागीय अधिकारियों, स्कूलों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 150 करोड़ का घोटाला हुआ था। जांच शुरू हुई तो पाया गया कि करीब 50 से अधिक कालेजों ने अपने-अपने विद्यालय में छात्रों की संख्या फर्जी/काल्पनिक दिखाकर दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति हजम कर ली। यही नहीं घोटालेबाजों का सिंडिकेट इतना तगड़ा था कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के जो चेक वापस हुए थे, उन्हें दूसरे खातों में भुना दिया गया था और धन निकाल गबन कर लिया गया था। धन का भुगतान जिले के यूनियन बैंक आफ इंडिया और जिला सहकारी बैंक के 37 से अधिक शाखाओं से किया गया था। घोटाले में चार रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें तात्कालीन समाजकल्याण अधिकारी सहित कुल 34 लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस की कार्रवाई भी महज रिपोर्ट दर्ज करने तक ही सिमटकर रह गई। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अमर उजाला की ओर से मुद्दा उठाने पर मंडलायुक्त के रविंद नायक ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों के पेंच कसे। विभाग की ओर से घोटाले में फिर से कार्रवाई शुरू की गई। जिलाधिकारी की संतुति पर समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह की ओर से डीसीबी के मुख्य शाखा प्रबंधक समेत सात लोगों को 2.85 करोड़ की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया था। वहीं, 50 स्कूलों को भी नोटिस जारी कर छात्रों का सत्यापन करने को कहा गया था, जिनके नाम पर बैंकों में रुपये भेजे गए थे। कालेजों को 30 सितंबर तक विभाग की ओर से मांगे गए डिटेल को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराना था। इन स्कूलों की जांच के लिए सीडीओ की ओर से 10 टीमों का गठन किया गया है। सभी टीमों को पांच-पांच स्कूलों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूल वार छात्रों की संख्या के आधार पर धनराशि की गणना कर स्कूलों को रिकवरी नोटिस जारी की जाएगी और फर्जीवाड़े में शामिल स्कूलों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
मामला काफी बड़ा है और जांच जल्दी पूरी करनी है। इसलिए जांच को टीमों की संख्या में इजाफा किया गया है। सभी को जांच जल्द पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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अभिषेक सिंह, सीडीओ
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