डेंगू-मलेरिया वार्ड (सांकेतिक तस्वीर)
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कोरोना के बाद अब जिला ही नहीं पूरा प्रदेश डेंगू के डंक से बेहाल है। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल की तरह अब डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सभी जिले में बेड सुरक्षित करते हुए डेडीकेटेड डेंगू अस्पताल स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत जिले में कुल 165 बेड सुरक्षित कर लिए गए है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग जिले में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी होने का दावा कर रहा है।
संदिग्ध बुखार (डेंगू) शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक कहर ढ़ा रहा है। हर घर में बुखार के रोगी मौजूद हैं। जिसमें वायरल बुखार तो हैं ही वहीं डेंगू के मरीज भी जोरों पर मिल रहे हैं। जिले का मुबारकपुर क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में चिन्हित है। तो वहीं शहर में भी काफी संख्या में मरीज मिल रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के बेड भले ही खाली हैं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों के बेड संदिग्ध बुखार रोगियों से पटे हुए हैं। ऐसा ही कुछ हाल प्राइवेट अस्पताल के ओपीडी का भी देखने को मिल रहा है। हीमोग्लोविन व प्लेटलेट की कमी ज्यादातर बुखार रोगियों में देखने को मिल रही है। सीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कुल 40 बेड का डेडीकेटेड डेंगू अस्पताल बनाया है। इसके तहत सर्वाधिक 30 बेड राजकीय मेडिकल कालेज में सुरक्षित किए गए है। वहीं 10 बेड जिला मंडलीय अस्पताल में भी सुरक्षित किए है। 40 बेड के इस डेडीकेटेड डेंगू अस्पताल के अलावा 22 सीएचसी व तीन पीएचसी पर भी स्वास्थ्य विभाग ने पांच-पांच बेड डेंगू के मरीजों के लिए सुरक्षित करा दिया है। इन बेडों पर मच्छरदानी से लेकर हर जरूरी व्यवस्थाओं को स्वास्थ्य विभाग ने पूर्ण किया हुआ है।