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मुख्यमंत्री का निर्देश भी अधिकारियों के ठेंगे पर

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आजमगढ़। वर्ष 2015-16 और 2016-17 में बिना अधिकारियों की अनुमति के ठेकमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 10 आशा बहुुओं का चयन कर लिया गया। इसकी शिकायत आशा बहू कल्याण समिति उप्र की जिलाध्यक्ष विभा राय ने मुख्य चिकित्साधिकारी से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने इसकी शिकायत मार्च 2017 में मुख्यमंत्री से कर दी। इस शिकायत पर मुख्यमंत्री की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी को सात दिन में जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस निर्देश को लगभग 10 माह होने को आए लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं की गई है।
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विभा राय ने आरोप लगाया कि तत्कालीन स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश सिंह द्वारा धनउगाही कर आशा का चयन किया गया था। जब यह प्रकरण तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी ठेकमा डा. अवधेश गुप्ता के समक्ष रखा गया तो उनके द्वारा शपथ पत्र देकर पूरी प्रक्रिया को फर्जी बताया गया। इसकी शिकायत 22 अप्रैल 2017 को मुख्यमंत्री से की गई। जिस शिकायत पर 25 अप्रैल 2017 को जिलाधिकारी को जांच का आदेश हुआ। जिलाधिकारी द्वारा 4 मई 2017 को उक्त मामले की जांच मुख्य चिकित्साधिकारी को सौंपी गई। इस मामले को लगभग 10 माह से अधिक का समय हो गया लेकिन अभी तक मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जांच पूरी नहीं की गई।
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विभा राय का काम ही शिकायत करना है। उनके द्वारा जब भी सरकार बदलती है या अधिकारी बदलते हैं उनके द्वारा इस मुद्दे को हवा दी जाती है। उनके द्वारा प्रभारी चिकित्साधिकारी के जिस पत्र का हवाला दिया जाता है वह शपथ पत्र देकर यह कह चुके हैं कि उस पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं है। वैसे भी इस मामले की जांच रिपोर्ट पहले ही मुख्यमंत्री को भेजी जा चुकी है। -डा. एसके तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी।
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मेरे पास ग्राम प्रधानों और प्रभारी चिकित्साधिकारी के हस्ताक्षर से दिए गए शपथ पत्र हैं। जिस पर उन्होंने चयन को गलत करार दिया है। अगर सीएमओ साहब के पास उनका लिखा पत्र है तो वह मुझे गलत साबित करके मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज करा दें। -विभा राय, जिलाध्यक्ष आशा बहू कल्याण समिति उप्र।
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