निजामाबाद। कस्बे के बने ब्लैक पॉटरी के बर्तन की पूरे विश्व में डिमांड है। दूर-दूर से व्यापारी यहां से माल खरीदने के लिए आते हैं। जैसे-जैसे दीपावली का समय नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे कस्बे की रौनक बढ़ती जा रही है। देश में चीनी सामानों के बहिष्कार की चल रही हवा ने इस समय कुम्हारों के कारोबार को नया पंख लगा दिया है। बाजार में इस समय मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है।
नगर पंचायत निजामाबाद में दीपावली के त्यौहार की तैयारी जोरों से चल रही है। जगह-जगह कुंहारों द्वारा मां लक्ष्मी और विघ्नहर्ता गणेश की मूर्ति के साथ-साथ लगभग 25 किस्म के दीए बनाए जाते हैं। बनने के बाद यह दीए देश के कोने-कोने में भेजे जाते हैं। निजामाबाद का ब्लैक पॉटरी उद्योग जहां पूरे विश्व में मशहूर है वहीं मिट्टी के दिये भी पूरे देश में मशहूर हैं। निजामाबाद की मिट्टी के बर्तन के साथ दीयों का कारोबार लगभग प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। दीपावली से लगभग पांच महीने पहले ही निजामाबाद के कारीगर अपने पूरे कुनबे के साथ दीये बनाने में जुट जाते हैं। वहीं प्रदेश के कोने कोने के व्यापारी भी मिट्टी के इन विशेष दीयों के लिए आर्डर छह महीने पहले ही दे देते हैं। इसी के साथ लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति भी तैयार की जाती है। चाइना के बने सामानों के बहिष्कार के कारण मिट्टी के दीयों की मांग काफी बढ़ गई है। पिछले साल मिट्टी के दीयों की मांग कम हो गई थी लेकिन इस वर्ष मिट्टी के दीयों की मांग काफी बढ़ गई है। देश के मुंबई, कोलकाता, मद्रास, औरंगाबाद, दिल्ली, कानपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर, गोरखपुर आदि प्रदेशों से व्यापारी निजामाबाद में मिट्टी के दीये खरीदने के लिए पहुंचने शुरू हो गए हैं।
कोलकाता से दीया खरीदने के लिए पहुंचे व्यापारी सुरेश ने बताया कि मिट्टी के दीयों की मांग इस इस वर्ष ज्यादा हो गई है क्योंकि चाइना के प्रति जनता के मन में रोष है। जिसके कारण लोग मिट्टी के दीयों का प्रयोग करने को आतुर दिख रहे हैं। लोगों की मांग को देखते हुए इस वर्ष लगभग दोगुने माल खरीदने के लिए लगभग 3 महीने पहले आर्डर दे चुके थे। उस आर्डर के हिसाब से माल लेने के लिए हम लोग निजामाबाद आए हुए हैं। हालांकि निजामाबाद में परिवहन सुविधा और रेलवे सुविधा की समुचित व्यवस्था न होने से व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सोहित प्रजापति ने कहा कि विगत कई वर्षों की अपेक्षा इस बार बाजार में रौनक ज्यादा है। जिसके कारण अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। अच्छे कारोबार की उम्मीद से कस्बे में इस कारोबार से जुड़े लोग दुगुने उत्साह के साथ दिये का निर्माण कर रहे हैं।