आजमगढ़। नवागत जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को लखनऊ में मीटिंग से लौटने के दौरान रास्ते में अतरौलिया स्थित 100 शैय्या चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. आशीष और डॉ. जितेंद्र अनुपस्थित मिले। दोनों डॉक्टरों के बारे में बताया गया कि वे पीजी करने गए हैं, लेकिन इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं था। डीएम ने इन दोनों पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट विनय प्रकाश, धर्मेंद्र चौधरी, विवेकानंद त्रिपाठी भी अनुपस्थित मिले। सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही एक दिन वेतन काटने के निर्देश दिया। फार्मासिस्ट धर्मेंद्र चौधरी और विवेकानंद का सीएल चढ़ा हुआ था लेकिन एप्लीकेशन नहीं था। इस पर रजिस्टर के कस्टोडियन सुभाष चंद्र पांडेय का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिया। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी डॉक्टर अपने संबंधित चिकित्सालयों में समय पर बैठें। मरीजों का उपचार करें और शालीनता से पेश आएं।
इसी दौरान शशि भूषण पांडेय ने डीएम को फोन किया और बताया कि हेल्थ सेंटर फरेंदा बंद है। मैं यहां इलाज कराने आया हूं। इस पर डीएम ने उन्हें बंद हेल्थ सेंटर का फोटो व्हाट्सएप करने को कहा। बंद हेल्थ सेंटर की फोटो मिलने के बाद डीएम ने हेल्थ सेंटर के डॉ. जमील अख्तर और फार्मासिस्ट शिव कुमार मौर्य का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा। इनके अलावा विरेंद्रमणि त्रिपाठी प्रयोगशाला सहायक (ग्राम्य), आनंद कुमार राय एनएमए, जयंत कुमार एनएमएस और रमेश चंद्र चौकीदार से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है।