आजमगढ़। जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेने मंगलवार को जनपद पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जिला योजना समिति के 6.10 अरब के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हम दावा नहीं करते काम करते हैं। दावा करने वाले तो चले गए और काम करने वाले आ गए। केंद्र और प्रदेश सरकार की जो भी योजनाएं संचालित हो रही हैं इनकी सत्यता की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी और हर ब्लॉक से एक गांव का चिह्नीकरण करके यह टीम योजनाओं की हकीकत जानेगी। कानून व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त है। अपराधियों में कानून के प्रति भय है। वो या तो जेल में हैं या प्रदेश छोड़ चुके हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश के साथ ही जनपद भी भ्रष्टाचार मुक्त विकास हो इसका प्रयास हो रहा है। तीन अधिकारियों की कमेटी जनपद के 22 ब्लाकों में से एक-एक गांव को चिह्नित कर वीडियोग्राफी के साथ निरीक्षण करेगी। अगर योजनाओं में अगर कोई अधिकारी और ग्राम प्रधान दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। हमारा प्रयास है कि आजमगढ़ में भी प्रदेश के अन्य जनपदों की भांति कार्य हो। भले ही हमें आजमगढ़ की दोनों सीटों पर असफलता मिली हो, लेकिन हमारे कार्यकर्ता जोश में हैं। हमने 2022 में आजमगढ़ जनपद में इतिहास बनाने का संकल्प लिया है। वैसे हमारा वोट प्रतिशत बढ़ा है। उप्र की जनता ने हमें 64 सीटें प्रधानमंत्री मोदी और सीएम आदित्यनाथ पर विश्वास जताया है। कानून व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में आपराधिक घटनाएं हुई हैं, लेकिन उनके दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हाल ही में सीएम योगी पर एक महिला के आरोपों के प्रसारण पर पत्रकारों को जेल भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुुझे पूरे प्रकरण के बारे जानकारी नहीं है, लेकिन पत्रकार अपने पत्रकार धर्म का पालन करें। किसी को भी जेल नहीं भेजा जाएगा।
विश्वविद्यालय के सवाल को टाल गए
प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जनपद में विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर जब सवाल पूछा तो वह इस बात को टाल गए। उन्होंने कहा कि इस पर आगे बात होगी। फिलहाल हम जिला योजना समिति की बैठक में आए थे इस पर बात होनी चाहिए।